ABVP विदिशा ने सत्यजय मांझी को तत्काल प्रभाव से सभी दायित्वों से मुक्त किया
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की विदिशा जिला इकाई ने कुरवाई इकाई के कार्यकर्ता सत्यजय मांझी को संगठन के सभी दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। संगठन ने यह निर्णय नैतिकता और अनुशासन को बनाए रखने के लिए लिया है।

द क्लिफ न्यूज़ | विदिशा | 18 अगस्त 2026
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की विदिशा जिला इकाई ने अपने एक कार्यकर्ता, सत्यजय मांझी, को संगठन के सभी दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। यह निर्णय संगठन की गरिमा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
संगठन की ओर से जारी की गई एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कदम कुरवाई इकाई के कार्यकर्ता सत्यजय मांझी के एक पारिवारिक सदस्य पर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की घटना के संज्ञान में आने के बाद उठाया गया है। हालांकि, सत्यजय मांझी ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में शामिल नहीं हैं और अपराध में उनका नाम भी नहीं है।
नैतिकता और अनुशासन को प्राथमिकता
इस स्थिति को व्यक्तिगत आरोप से इतर, नैतिकता और संगठनात्मक अनुशासन के दृष्टिकोण से देखते हुए ABVP विदिशा ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। विदिशा जिला संयोजक गोविन्द रघुवंशी ने इस बारे में कहा कि संगठन के लिए उसकी गरिमा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ABVP समाज और राष्ट्रहित में अपने सिद्धांतों और अनुशासन से कभी समझौता नहीं करती है।
जारी बयान में संगठन ने इस बात पर जोर दिया कि उसके कार्यकर्ताओं के आचरण, उच्च नैतिक मूल्यों तथा व्यक्तिगत एवं सामाजिक चरित्र के प्रति संगठन की एक स्पष्ट प्रतिबद्धता है। संगठन के लिए अनुशासन और नैतिक शुचिता सर्वोपरि है, और इसी भावना के अनुरूप सत्यजय मांझी को सभी संगठनात्मक दायित्वों से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
संगठन की नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता
जिला संयोजक गोविन्द रघुवंशी ने इस कार्रवाई को संगठन की नीतियों और अनुशासन के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता का परिचायक बताया। उन्होंने दोहराया कि किसी भी कार्यकर्ता के संबंध में निर्णय लेते समय संगठन की प्रतिष्ठा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह कदम ABVP के भीतर कार्यकर्ताओं के आचरण को लेकर कड़े मानकों को स्थापित करने की ओर संकेत करता है।
