भोपाल में जल्द आएंगी 50 इलेक्ट्रिक बसें, लेकिन तैयारी अधूरी; नगर निगम ढूंढ रहा अस्थायी पार्किंग स्थल
50 ई-बसें तैयार, पर इंफ्रास्ट्रक्चर अधूरा भोपाल में अगले दो महीनों में 50 नई इलेक्ट्रिक बसें आने की तैयारी पूरी हो चुकी है। हालांकि, इन...

50 ई-बसें तैयार, पर इंफ्रास्ट्रक्चर अधूरा
भोपाल में अगले दो महीनों में 50 नई इलेक्ट्रिक बसें आने की तैयारी पूरी हो चुकी है। हालांकि, इन बसों के संचालन के लिए जरूरी डिपो और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी निर्माणाधीन है, जिसे पूरा होने में कम से कम तीन महीने और लगेंगे।
इस कारण भोपाल नगर निगम (BMC) अब इन बसों के लिए अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था तलाश रहा है।
दो डिपो का निर्माण जारी
अधिकारियों के अनुसार, दो ई-बस डिपो — एक कस्तूरबा नगर और दूसरा बैराागढ़ में बनाया जा रहा है।
कस्तूरबा नगर डिपो पर काम जारी है, जबकि बैरागढ़ डिपो का निर्माण कार्य अगले सप्ताह शुरू होगा। दोनों परियोजनाओं को पांच से छह महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों की समीक्षा बैठक
शहरी प्रशासन आयुक्त संकेत भोडवे और नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने हाल ही में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
लगभग डेढ़ घंटे चली बैठक में बसों के आगमन से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की गति बढ़ाने और पार्किंग प्रबंधन पर चर्चा की गई।
बैठक में यह भी तय हुआ कि मौजूदा लो-फ्लोर बसों को अन्य डिपो पर स्थानांतरित किया जाएगा ताकि इलेक्ट्रिक बसों के लिए जगह खाली की जा सके।
195 इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य
BCLL अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल 50 बसों के बाद कुल 195 ई-बसों का बेड़ा आने की योजना है। इसके लिए बैराागढ़, बागसेवानिया और भारत माता चौक डिपो को पुनर्गठित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि जैसे-जैसे नई बसें पहुंचेंगी, चार्जिंग स्टेशन और मरम्मत सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएंगी।
नदरा बस टर्मिनल का कायाकल्प
इधर, नदरा बस स्टैंड को शहर का पहला सिटी बस टर्मिनल बनाने की परियोजना भी पांच महीने पीछे खिसक गई है।
वर्तमान में यहां से चलने वाली अंतर-जिला बसें जल्द ही आरिफ नगर बस स्टैंड शिफ्ट की जाएंगी, जिसका निर्माण ₹16 करोड़ की लागत से हुआ है।
इसके बाद नदरा को लो-फ्लोर और इलेक्ट्रिक सिटी बसों के लिए मुख्य टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा,
“सभी तैयारियां चल रही हैं। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर BCLL की बैठक आयोजित की गई थी। दोनों डिपो का निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।”
निष्कर्ष
भोपाल का सार्वजनिक परिवहन तंत्र अब धीरे-धीरे हरित ऊर्जा आधारित प्रणाली की ओर बढ़ रहा है। हालांकि बसें आने को तैयार हैं, लेकिन जब तक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिपो निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक शहर को कुछ और महीनों तक इंतजार करना होगा।
