छतरपुर हिंसा: बाइक स्टंट के बाद भड़का 5 घंटे का दंगा, मासूम बच्ची को सड़क पर फेंका
छतरपुर में बाइक स्टंट के बाद भड़के बवाल में उपद्रवियों ने दंपत्ति पर हमला किया और उनकी तीन साल की बच्ची को सड़क पर फेंक...

मुख्य बिंदु (Top Summary)
- क्या हुआ: स्टंट कर रहे बाइक सवारों के कारण हुए एक सड़क हादसे के बाद भारी बवाल हो गया। पुलिस चौकी के पास जमकर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
- यह क्यों महत्वपूर्ण है: करीब पांच घंटे तक चली इस हिंसा में एक मासूम बच्ची और एक स्थानीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जो बिगड़ती कानून-व्यवस्था को दर्शाता है।
- क्या बदलाव आया: पुलिस ने तीन थानों के बल को तैनात किया है और फरार आरोपियों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं।
- कौन प्रभावित हुआ: तीन सदस्यों का एक युवा परिवार घायल हुआ है, कई वाहन मालिकों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है और टोरिया इलाके में तनाव का माहौल है।
लापरवाह स्टंट के बाद शुरू हुआ जानलेवा हमला
छतरपुर में विंध्यवासिनी मंदिर पुलिस चौकी के पास गुरुवार देर रात एक मामूली सड़क हादसा देखते ही देखते बड़े दंगे में बदल गया। करीब पांच घंटे तक चले इस बवाल की शुरुआत तब हुई, जब पल्सर मोटरसाइकिल पर स्टंट कर रहे तीन युवकों ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी।
स्कूटर पर 25 वर्षीय योगेंद्र कुमार श्रीवास, उनकी पत्नी कोमल श्रीवास और उनकी तीन वर्षीय बेटी आन्वी सवार थे। जब योगेंद्र ने खतरनाक तरीके से बाइक चलाने का विरोध किया और इलाज के खर्च की मांग की, तो विवाद हाथापाई में बदल गया।
योगेंद्र द्वारा मोटरसाइकिल की चाबी निकालने के बाद, बाइक सवारों में से एक पास के टोरिया इलाके में स्थित अपने घर की तरफ भागा। कुछ ही मिनटों में आरोपी लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से लैस होकर आधा दर्जन से अधिक युवकों के साथ लौटे और परिवार पर हमला बोल दिया।
भीड़ की हिंसा और पथराव से फैला तनाव
हिंसक भीड़ ने परिवार के स्कूटर में जमकर तोड़फोड़ की और दंपत्ति के साथ मारपीट की। जब कोमल ने अपने पति को बचाने की कोशिश की, तो उन्हें भी पीटा गया। हमलावरों ने उनकी गोदी से तीन साल की बच्ची को जबरन छीनकर सड़क पर फेंक दिया।
इस घटना से स्थानीय स्तर पर भारी तनाव फैल गया और जमकर पथराव हुआ, जिससे कई वाहनों के शीशे टूट गए। पुलिस चौकी के पास मचे इस बवाल में पत्थरों की चपेट में आने से भीड़ में शामिल एक युवक का सिर फट गया।
बिगड़ते हालात पर काबू पाने के लिए तीन अलग-अलग थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा:
- कोतवाली थाना
- सिविल लाइन थाना
- ओरछा रोड थाना
भारी पुलिस बल को आते देख उपद्रवी अपने घरों में ताला लगाकर परिवारों सहित भाग गए। स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि इलाके में कई दौर की हवाई फायरिंग भी हुई, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फरार आरोपियों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज
सिटी कोतवाली पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पहला मामला पीड़ित योगेंद्र की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
"योगेंद्र ने बताया कि गुरुवार रात करीब 8:30 बजे वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ लालोनी तिगड्डा स्थित अपने प्लॉट से सौरा रोड तिगड्डा स्थित अपने घर लौट रहे थे, तभी उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और तोड़फोड़ की गई।"
सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ उलझने के आरोप में आरक्षक नरेश पतिहार द्वारा दूसरी एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने दोनों मामलों में निम्नलिखित लोगों को नामजद आरोपी बनाया है:
- जुल्फी, छोटू और साहिल
- निशु, छोटू खान और भूरा
- दो अज्ञात सहयोगी
आगे क्या होगा (What to Watch Next)
अब मुख्य ध्यान पुलिस की जांच और फरार चल रहे आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जारी तलाश पर है। प्रशासन हवाई फायरिंग की खबरों की पुष्टि करने और प्रभावित टोरिया इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करेगा।
