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अमेज़न ने $48 अरब निवेश का वादा किया; अडानी ने 10 GW परमाणु ऊर्जा का विजन पेश किया

अमेज़न ने 2030 तक भारत में कुल $48 अरब का निवेश करने की घोषणा की, जबकि अडानी समूह ने 2035 तक 10 GW परमाणु ऊर्जा...

Jun 25
6 मिनट में पढ़ें
अमेज़न ने $48 अरब निवेश का वादा किया; अडानी ने 10 GW परमाणु ऊर्जा का विजन पेश किया

टॉप सारांश

  • क्या हुआ: अमेज़न (Amazon) के सीईओ (CEO) एंडी जेसी (Andy Jassy) ने अतिरिक्त $13 अरब के निवेश की घोषणा की, जिससे भारत में कुल प्रतिबद्धता 2030 तक $48 अरब हो गई है। साथ ही, अडानी समूह (Adani Group) ने 2035 तक 10 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता के निर्माण की योजना का अनावरण किया।
  • यह क्यों महत्वपूर्ण है: ये महत्वपूर्ण प्रतिज्ञाएं भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे के लिए एक रणनीतिक केंद्र के रूप में उभरने को रेखांकित करती हैं, जो राष्ट्र के महत्वाकांक्षी विकास और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
  • क्या बदलेगा: उम्मीद है कि ये निवेश डिजिटल परिवर्तन को गति देंगे, व्यवसायों के लिए एआई (AI) और क्लाउड (Cloud) क्षमताओं को बढ़ाएंगे, और विविधीकरण के माध्यम से भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेंगे, जिससे संभावित रूप से लाखों नौकरियाँ पैदा होंगी।
  • कौन प्रभावित होगा: स्टार्टअप, उद्यम और सरकारी संगठनों को अत्याधुनिक एआई (AI) और क्लाउड (Cloud) प्रौद्योगिकियों तक पहुंच मिलेगी। व्यापक भारतीय अर्थव्यवस्था और जनता को रोजगार सृजन, बेहतर ऊर्जा लचीलेपन और एक मजबूत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र से लाभ होगा।

अमेज़न ने भारत में निवेश बढ़ाकर $48 अरब किया

अमेज़न के सीईओ (CEO) एंडी जेसी ने नई दिल्ली (New Delhi) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने भारत के प्रति कंपनी की मजबूत दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की। जेसी ने 2030 तक देश में एआई (AI) और क्लाउड (Cloud) बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए अतिरिक्त $13 अरब के निवेश की योजना की घोषणा की। यह नया फंड पिछले साल घोषित $35 अरब के निवेश पर आधारित है, जिससे अमेज़न की भारत में कुल प्रतिबद्धता 2026 और 2030 के बीच $48 अरब हो गई है।

जेसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि इसमें एआई (AI) और क्लाउड (Cloud) बुनियादी ढांचे के लिए विशेष रूप से $21 अरब शामिल हैं। $13 अरब का निवेश मुंबई (Mumbai) और हैदराबाद (Hyderabad) क्षेत्रों में एआई (AI) और क्लाउड (Cloud) बुनियादी ढांचे को लक्षित करता है। यह स्टार्टअप, उद्यमों और सरकारी संगठनों को नवाचार और वैश्विक स्केलेबिलिटी (global scalability) को बढ़ावा देने के लिए कस्टम एआई (AI) चिप्स, प्रबंधित एआई (AI) सेवाओं, सुरक्षित क्लाउड (Cloud) प्रौद्योगिकियों और डेवलपर (developer) टूल तक पहुंच प्रदान करेगा।

अमेज़न ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत में उसके एडब्ल्यूएस (AWS) रीजन (Regions) देश के भीतर सुरक्षित डेटा (data) स्टोरेज (storage) को सक्षम बनाते हैं, जो हाई-परफॉर्मेंस (high-performance) ट्रेनियम (Trainium) चिप्स और अमेज़न बेडरॉक (Amazon Bedrock) सहित उन्नत एआई (AI) और क्लाउड (Cloud) तकनीक तक पहुंच प्रदान करते हैं। 2010 से 2030 तक भारत में कंपनी का संचयी निवेश अब $88 अरब से अधिक हो गया है।

"हम प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण से प्रेरित हैं, और हम भारत की विकास गाथा में एक दीर्घकालिक भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं," एंडी जेसी ने कहा।

जेसी ने जोर देकर कहा कि भारत में अमेज़न की व्यावसायिक प्राथमिकताएं एआई (AI) के लोकतंत्रीकरण (democratization), छोटे व्यवसायों के डिजिटलीकरण (digitization), रोजगार सृजन और निर्यात को सक्षम करने जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप हैं। उन्होंने ई-कॉमर्स (e-commerce) और एडब्ल्यूएस (AWS) में विशेष रूप से मजबूत वृद्धि देखी। अमेज़न की यह महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता अन्य प्रमुख अमेरिकी तकनीकी फर्मों के समान बड़े निवेशों के बाद आई है, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) का एआई (AI) और क्लाउड (Cloud) बुनियादी ढांचे के लिए $17.5 अरब और गूगल (Google) का अगले पांच वर्षों में एआई (AI) डेटा सेंटर (data centers) के लिए $15 अरब का वादा शामिल है, जो भारत के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।

अडानी समूह ने 10 GW परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षा का अनावरण किया

अडानी समूह परमाणु ऊर्जा में कदम रखकर अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो (portfolio) में विविधता लाने के लिए तैयार है, जिसमें 2035 तक 10 GW क्षमता के निर्माण की योजना है। अध्यक्ष गौतम अडानी (Gautam Adani) ने समूह की वार्षिक आम बैठक के दौरान इस दृष्टिकोण की घोषणा की, इसे भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

अडानी ने कहा कि अडानी एटॉमिक एनर्जी (Adani Atomic Energy) के लिए जमीन की पहचान पहले ही कर ली गई है। यह कदम बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की बढ़ती बिजली मांग का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

"अडानी एटॉमिक एनर्जी के माध्यम से परमाणु ऊर्जा में हमारा प्रवेश भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक और आत्मविश्वास भरा कदम है। जमीन की पहचान और 2035 तक 10 GW की लक्षित क्षमता के साथ, हम स्वच्छ, चौबीसों घंटे बिजली की बढ़ती राष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए खुद को शुरुआती स्थिति में रख रहे हैं," अडानी ने कहा।

उद्योगपति ने जोर देकर कहा कि अडानी समूह का एकीकृत बुनियादी ढांचा मॉडल बाहरी निर्भरता को कम करते हुए विश्वसनीय, किफायती और चौबीसों घंटे बिजली प्रदान करने का लक्ष्य रखता है। समूह ने वित्त वर्ष 26 में बुनियादी ढांचे में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड निवेश किया, जो भारत के कुल नए निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय का 30% से अधिक का प्रतिनिधित्व करता है।

अडानी पावर (Adani Power) भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बिजली पूंजीगत व्यय कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें ₹2 लाख करोड़ से अधिक का निवेश और पांच वर्षों के भीतर 45 गीगावाट (gigawatts) उत्पादन क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य है। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (Adani Energy Solutions) ने अपने ट्रांसमिशन (transmission) ऑर्डर (order) बुक (book) को ₹72,000 करोड़ तक बढ़ते देखा, जिसमें खावड़ा-दक्षिण ओलपाड (Khavda-South Olpad) हाई-वोल्टेज (high-voltage) डायरेक्ट (direct) करंट (current) ट्रांसमिशन (transmission) लाइन (line) जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। समूह कम कार्बन ऊर्जा में भी विस्तार कर रहा है, जिसमें भूटान के ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन (Druk Green Power Corporation) के साथ 5,000 मेगावाट (megawatts) जलविद्युत परियोजनाओं को विकसित करने के लिए साझेदारी शामिल है। अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas) ने वर्ष के दौरान गैस वितरण में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया, जिसमें 1.1 मिलियन से अधिक पाइप प्राकृतिक गैस (piped natural gas) घरेलू कनेक्शन शामिल हैं। गौतम अडानी ने अनिश्चित समय के माध्यम से भारत के भौतिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए समूह की निरंतर निवेश की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अपनी बात समाप्त की।

आगे क्या देखें

आने वाले वर्षों में इन महत्वाकांक्षी योजनाओं का निष्पादन प्रदर्शित होगा, जिसमें इस बात पर महत्वपूर्ण ध्यान दिया जाएगा कि अमेज़न के तकनीकी निवेश भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को कैसे गति देते हैं और अडानी का ऊर्जा विविधीकरण राष्ट्रीय ग्रिड (grid) स्थिरता और सतत विकास में कैसे योगदान देता है। रोजगार सृजन के आंकड़ों और बुनियादी ढांचे के विकास की निगरानी उनकी सफलता के प्रमुख संकेतक होंगे।