45 फीट गहरे कुएं में गिरी बच्ची, सिपाही ने ऑक्सीजन सिलेंडर संग बचाई जान
फर्रुखाबाद के रसीदाबाद बल्लभ में खेलते समय सड़क किनारे बने 45 फीट गहरे कुएं में गिरी पांच वर्षीय बच्ची को तीन घंटे के रेस्क्यू के बाद सिपाही मनोज ने ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 20 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के तहसील क्षेत्र के रसीदाबाद बल्लभ गांव में गुरुवार को एक पांच वर्षीय बच्ची बाल-बाल बच गई। खेलते समय सड़क किनारे स्थित लगभग 45 फीट गहरे एक पुराने कुएं की पटिया टूटने से बच्ची उसमें जा गिरी। तीन घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद एक जांबाज सिपाही ने जान जोखिम में डालते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क के सहारे कुएं में उतरकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, जहानपुर निवासी पवन कुमार की पांच वर्षीय पुत्री सौम्या अपनी बड़ी बहनों अनन्या और लवन्या के साथ रसीदाबाद बल्लभ स्थित प्राथमिक विद्यालय गई थी। विद्यालय से छुट्टी के बाद वह अपनी बहनों तथा गांव की अन्य बालिकाओं पूजा, सपना, गौरी, परी, अन्नू और छवि के साथ घर लौट रही थी। इसी दौरान वे रास्ते में सड़क किनारे बने एक पुराने कुएं के पास पहुंचीं, जहां बच्चे पटिया पर खेल रहे थे। खेलते-खेलते सौम्या उस पटिया पर उछलने लगी, तभी अचानक वह पटिया टूट गई और मासूम बच्ची करीब 45 फीट गहरे कुएं में जा समाई।
बच्चों के शोर से मचा हड़कंप, ग्रामीणों के प्रयास विफल
बच्ची के कुएं में गिरते ही साथ खेल रहे बच्चों ने चीख-पुकार मचा दी। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों में शामिल मुकेश और गुड्डू ने तुरंत रस्सी के सहारे कुएं में उतरने का प्रयास किया। हालांकि, कुएं के अंदर जहरीली गैस होने के अंदेशे के कारण उन्हें अपने प्रयास वापस लेने पड़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी।
प्रशासनिक अमला और बचाव दल मौके पर पहुंचे
सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम ने कोतवाली पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद क्राइम इंस्पेक्टर बी. यादव, एसडीएम अभिषेक वर्मा, नायब तहसीलदार अनवर हुसैन, सीओ राजेश कुमार द्विवेदी, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और चिकित्सकों की टीम डॉ. विपिन कुमार और डॉ. अमरेश कुमार मौके पर पहुंच गए। करीब ढाई फीट चौड़े कुएं में बच्ची दिखाई दे रही थी, लेकिन जहरीली गैस के कारण दमकल कर्मियों के लिए भी नीचे उतरना अत्यंत दुष्कर था।
साहसी सिपाही मनोज ने दिखाई असाधारण बहादुरी
ऐसे विकट परिस्थिति में सिपाही मनोज ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए कुएं में उतरने का प्रयास किया। प्रारंभिक कोशिशों में दम घुटने के कारण उन्हें वापस आना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी चौथी कोशिश में, सिपाही मनोज ने एक ऑक्सीजन सिलेंडर अपने साथ बांध लिया और चेहरे पर मास्क लगाकर गहरे कुएं में उतरने में सफल रहे।
करीब तीन घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के अंत में, सिपाही मनोज ने बेहोशी की हालत में पड़ी मासूम सौम्या को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्ची के सकुशल बाहर आते ही मौके पर मौजूद परिजनों, ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बेहोश बच्ची को तत्काल चिकित्सकीय टीम ने प्राथमिक उपचार दिया और एंबुलेंस द्वारा लोहिया अस्पताल भेज दिया गया। बताया गया है कि बच्ची की मां सपना गांव में आशा कार्यकत्री के पद पर कार्यरत हैं। सिपाही मनोज की सूझबूझ और अदम्य साहस ने एक अनमोल जीवन बचाया।
