4 बार के IPL चैंपियन कर्ण शर्मा ने 19 साल के करियर को कहा अलविदा
38 वर्षीय लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने 23 अगस्त 2026 को सभी क्रिकेट प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। उनका अंतिम मैच 25 अगस्त को उत्तर प्रदेश टी20 लीग में होगा।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 24 अगस्त 2026
भारतीय क्रिकेट जगत में एक जाना-पहचाना नाम, लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने 38 वर्ष की आयु में पेशेवर क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 23 अगस्त 2026 को की गई इस घोषणा के साथ ही उनके लगभग 19 साल लंबे क्रिकेट करियर पर आधिकारिक तौर पर विराम लग गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश टी20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स का प्रतिनिधित्व कर रहे कर्ण शर्मा का आखिरी मुकाबला 25 अगस्त को मेरठ मावेरिक्स के खिलाफ खेला जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भले ही कर्ण शर्मा को सीमित अवसर मिले हों, लेकिन आईपीएल और भारतीय घरेलू क्रिकेट में उनका सफर उपलब्धियों से भरपूर रहा। उन्होंने अपने करियर में चार बार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब जीता है। उनकी एक खास उपलब्धि यह भी है कि वह आईपीएल इतिहास में लगातार तीन अलग-अलग टीमों के साथ तीन वर्ष तक खिताब जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शुमार हैं।
सीमित अंतरराष्ट्रीय मौके, यादगार आईपीएल रिकॉर्ड
भारतीय टीम की ओर से कर्ण शर्मा को अधिक मौके नहीं मिल सके। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में केवल एक टेस्ट, दो एकदिवसीय और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। उनका अंतरराष्ट्रीय पदार्पण 2014 में हुआ था, लेकिन उसी वर्ष उनका सीमित ओवरों का करियर भी समाप्त हो गया। एडिलेड में 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना एकमात्र टेस्ट मैच खेलने वाले कर्ण को रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे प्रमुख स्पिनरों की मौजूदगी के कारण राष्ट्रीय टीम में नियमित स्थान नहीं मिल पाया।
38 साल की उम्र में संन्यास लेने के फैसले के पीछे कर्ण शर्मा ने बताया कि अब क्रिकेट जारी रखने का कोई विशेष उद्देश्य नहीं बचा था। उन्होंने यह भी माना कि लंबे समय तक टीम में बने रहने से युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर सीमित हो सकते हैं, जो कि खेल के विकास के लिए ठीक नहीं है।
आईपीएल में कर्ण शर्मा का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। उनके करियर का सबसे स्वर्णिम अध्याय 2016 से 2018 तक रहा, जब उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों के साथ लगातार तीन बार आईपीएल का खिताब अपने नाम किया। लगातार तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ तीन वर्षों तक चैंपियन बनना आईपीएल के इतिहास में एक अनूठी उपलब्धि है, जिसने उन्हें एक खास पहचान दिलाई। इसके बाद, उन्होंने 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ अपना चौथा आईपीएल खिताब भी जीता। इस प्रकार, कर्ण शर्मा चार बार आईपीएल चैंपियन टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु सहित कई प्रतिष्ठित टीमों का प्रतिनिधित्व किया।
घरेलू क्रिकेट में दो दशक का लंबा सफर
कर्ण शर्मा का घरेलू क्रिकेट करियर लगभग 19 वर्षों तक चला, जिसमें उन्होंने रेलवे, आंध्र और विदर्भ जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। इन वर्षों में, उन्होंने अपने लेग स्पिन और गुगली के दम पर बल्लेबाजों को खूब छकाया। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 97 मैचों में 270 विकेट हासिल किए। लिस्ट-ए (वनडे) क्रिकेट में उनके नाम 123 मैचों में 153 विकेट दर्ज हैं, जबकि टी20 क्रिकेट में उन्होंने 191 मैचों में 168 विकेट लिए। विभिन्न प्रारूपों को मिलाकर उनके कुल विकेटों की संख्या 591 से अधिक है, जो उनके निरंतर प्रदर्शन और विकेट लेने की क्षमता को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आंकड़ों की दृष्टि से भले ही कर्ण शर्मा का करियर छोटा रहा हो, लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए तीनों प्रारूपों में खेलने का गौरव प्राप्त किया। टेस्ट में उन्हें सिर्फ एक मौका मिला, जबकि वनडे और टी20 में भी उन्हें सीमित अवसर मिले। इसके बावजूद, घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार प्रदर्शन और आईपीएल में उनकी उपयोगिता ने उन्हें लंबे समय तक एक प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी बनाए रखा। वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से रहे, जिन्होंने राष्ट्रीय टीम में सीमित मौके मिलने के बावजूद घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखी और महत्वपूर्ण योगदान दिया।
संन्यास के बाद कोचिंग की ओर झुकाव
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, कर्ण शर्मा के कोचिंग के क्षेत्र में कदम रखने की प्रबल संभावना है। लगभग दो दशकों के अपने लंबे करियर के दौरान, उन्होंने विभिन्न परिस्थितियों, टीमों और खिलाड़ियों के साथ काम किया है। उनके पास खेल का व्यापक अनुभव है, जो युवा स्पिन गेंदबाजों के विकास में अत्यंत उपयोगी साबित हो सकता है। उनकी विशेषज्ञता भावी पीढ़ी के क्रिकेटरों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कर्ण शर्मा के संन्यास के साथ ही भारतीय घरेलू क्रिकेट और आईपीएल के एक अनुभवी लेग स्पिनर का एक लंबा और सफल सफर समाप्त हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीमित अवसरों के बावजूद, चार आईपीएल खिताब जीतना, लगातार तीन अलग-अलग टीमों के साथ खिताबी सफलता हासिल करना, और 591 से अधिक विकेट लेना - ये उपलब्धियां उन्हें भारतीय क्रिकेट के यादगार खिलाड़ियों में एक विशेष स्थान दिलाती हैं।
