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37 दिन के आंदोलन बाद घर लौटे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, परिवार ने किया भावुक स्वागत

NEET पेपर लीक मामले को लेकर 37 दिन तक जंतर-मंतर पर आंदोलन चलाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर लौटे।

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37 दिन के आंदोलन बाद घर लौटे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, परिवार ने किया भावुक स्वागत

द क्लिफ न्यूज़ | छत्रपति संभाजीनगर | 29 जुलाई 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले आंदोलन और अनशन को समाप्त करने के बाद आज अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर लौट आए। उनके आगमन पर परिवार, समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा एक भावुक और जोरदार स्वागत किया गया।

घर पहुंचते ही अभिजीत दीपके को उनकी मां ने गले लगा लिया। इस दौरान परिवार के सदस्यों की आंखें खुशी के आंसुओं से नम दिखीं। लंबे संघर्ष के बाद बेटे की वापसी से माता-पिता काफी भावुक नजर आए। समर्थकों ने 'अभिजीत दीपके जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए और पुष्प वर्षा करके उनका अभिनंदन किया।

आंदोलन की सफलता पर कार्यकर्ताओं का जश्न

जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर चलाए गए आंदोलन के सफल समापन के बाद CJP कार्यकर्ताओं ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की और आंदोलन में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर अभिजीत दीपके ने कहा कि यह संघर्ष छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि आंदोलन का मुख्य लक्ष्य केवल विरोध जताना नहीं, बल्कि सरकार और संबंधित प्राधिकरणों का ध्यान छात्रों की ज्वलंत समस्याओं की ओर आकर्षित करना था।

स्थानीय नेताओं ने की मुलाकात, लिया अनुभव का जायजा

अभिजीत दीपके के घर पहुंचने के बाद कई स्थानीय नेताओं और जन प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की। उन्होंने दीपके के माता-पिता से भी संवाद किया और आंदोलन से जुड़े उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। समर्थकों का कहना है कि दीपके के नेतृत्व में छात्रों की आवाज को एक नई मजबूती मिली है।

सुधारात्मक कदमों के लिए सरकार को चेतावनी

मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार, परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखने की मांग की।

दीपके ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने समय रहते ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में छात्र और युवा समुदाय बड़े राजनीतिक बदलाव का माध्यम बन सकते हैं।

37 दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद अभिजीत दीपके की घर वापसी को समर्थकों ने उनके संघर्ष की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना है। CJP कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनका अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।