मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: 2,508 करोड़ की फोरलेन सड़क, आंगनवाड़ी योजनाओं को विस्तार, किसानों के लिए आधुनिक मौसम नेटवर्क
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण, उच्च शिक्षा और कृषि से...

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण, उच्च शिक्षा और कृषि से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें बदवाह–धामनोद फोरलेन सड़क परियोजना के लिए 2,508.21 करोड़ रुपये की मंजूरी, आंगनवाड़ी एवं पोषण योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला और किसानों के हित में अत्याधुनिक मौसम सूचना नेटवर्क की स्थापना शामिल है।
बदवाह–धामनोद सड़क: दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेगी फोरलेन परियोजना
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 62.795 किलोमीटर लंबी बदवाह–धामनोद सड़क को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा। यह सड़क दो राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ेगी और महेश्वर जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थल तक आवागमन को आसान बनाएगी।
परियोजना के तहत 10 बायपास, 5 बड़े पुल, 23 मझोले पुल, 12 व्हीक्युलर अंडरपास (VUP), 7 प्रमुख जंक्शन और 56 मध्यम जंक्शन बनाए जाएंगे। सड़क का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा, जिसमें शुरुआती 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार राज्य राजमार्ग निधि से वहन करेगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत खर्च अगले 15 वर्षों में राज्य बजट से किया जाएगा।
क्यों अहम है यह परियोजना:
यह सड़क परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापार को गति देगी, बल्कि पर्यटन, धार्मिक यात्राओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
‘सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ को अगले पांच साल की मंजूरी
कैबिनेट ने ‘सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ योजना को 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने को भी स्वीकृति दी है। यह निर्णय 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय मानकों के अनुरूप लिया गया है।
राज्य सरकार के अनुसार, यह एक छत्र योजना है, जिसमें अनुपूरक पोषण कार्यक्रम, प्री-स्कूल शिक्षा, आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण (सक्षम आंगनवाड़ी सहित), पोषण अभियान, किशोरी बालिका योजना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और अन्य सहायक घटक शामिल हैं।
वर्तमान में यह योजना प्रदेश के सभी 55 जिलों में 453 बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित 97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लागू की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण से लड़ाई और प्रारंभिक शिक्षा को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर के दूसरे चरण के लिए 197 करोड़ रुपये
मंत्रिपरिषद ने मध्य प्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर के दूसरे चरण के निर्माण कार्य के लिए 197.13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि राज्य में दो विधि विश्वविद्यालय हैं—एक भोपाल में और दूसरा जबलपुर में।
दूसरे चरण में प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक ब्लॉक, कुलपति और कुलसचिव के लिए सरकारी आवास, 12 बहुमंजिला स्टाफ क्वार्टर, कैंपस की बाउंड्री वॉल और अन्य संबंधित कार्य किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय में बीए एलएलबी (ऑनर्स), एलएलबी (ऑनर्स) और पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए कुल 1,272 स्वीकृत सीटें हैं, जिनमें फिलहाल 720 छात्र अध्ययनरत हैं।
किसानों के लिए WINDS कार्यक्रम: हर तहसील में मौसम स्टेशन
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ‘वेदर इंफॉर्मेशन नेटवर्क एंड डेटा सिस्टम’ (WINDS) कार्यक्रम लागू करने को मंजूरी दी है। इसके लिए 434.58 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
इस योजना के तहत प्रत्येक तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केंद्र और हर ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित वर्षा मापक यंत्र लगाए जाएंगे। डेटा सेंटर का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा, जबकि इसकी निगरानी भोपाल से की जाएगी।
मंत्री के अनुसार, यह कार्यक्रम मौसम आधारित सटीक डेटा उपलब्ध कराएगा, जिससे फसल बीमा दावों का त्वरित निपटारा संभव होगा और किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी। साथ ही, उच्च गुणवत्ता का मौसम संबंधी डेटा केंद्र सरकार को भी उपलब्ध कराया जाएगा।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश कैबिनेट के ये फैसले सड़क और शिक्षा जैसे बुनियादी ढांचे, पोषण व सामाजिक सुरक्षा और कृषि जोखिम प्रबंधन—तीनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक प्रभाव डालने वाले हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से प्रदेश की आर्थिक गति तेज होगी और आम नागरिक, विशेषकर किसान, महिलाएं और छात्र, सीधे लाभान्वित होंगे।
