मध्यप्रदेश की औद्योगिक वृद्धि दर 24% पर, मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले – पाँच साल में राज्य का बजट दोगुना करने का लक्ष्य
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्थापना दिवस समारोह में कहा कि प्रदेश की औद्योगिक वृद्धि दर 24 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है।...

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्थापना दिवस समारोह में कहा कि प्रदेश की औद्योगिक वृद्धि दर 24 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष में उज्जैन में करीब सात करोड़ पर्यटक पहुँचे, जबकि दतिया, रीवा और सतना में नए हवाई अड्डों का निर्माण कर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मज़बूती दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पाँच वर्षों में राज्य का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
विकास की नई दिशा: उद्योग और बुनियादी ढांचे पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार शाम लाल परेड ग्राउंड, भोपाल में आयोजित मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश तेजी से औद्योगिक प्रगति की ओर अग्रसर है और राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में दतिया, रीवा और सतना में नए हवाई अड्डों का निर्माण पूरा हुआ है, जिससे न केवल स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क भी सुदृढ़ होंगे।
नदी जोड़ परियोजनाओं से जल प्रबंधन को गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संसाधन के बेहतर उपयोग और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए नदी जोड़ परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
वर्तमान में केन-बेतवा, कालीसिंध और ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज जैसी तीन प्रमुख परियोजनाओं पर काम जारी है। ताप्ती बेसिन परियोजना के माध्यम से बुरहानपुर और महाराष्ट्र की सीमावर्ती क्षेत्रों को जल लाभ मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं से न केवल खेती को सहारा मिलेगा बल्कि जल संकट झेल रहे इलाकों में स्थायी समाधान भी संभव होगा।
उज्जैन में बढ़ता पर्यटन और महाकाल लोक का प्रभाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद शहर में विकास और रोजगार के नए अवसर खुले हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्ष लगभग सात करोड़ लोगों ने उज्जैन का दौरा किया — यह अब तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है। स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने भी माना है कि इससे शहर की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
भविष्य की रूपरेखा
डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का अगला लक्ष्य राज्य की वित्तीय क्षमता को दोगुना करना है। “हमने पाँच वर्षों में बजट को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए उद्योग, कृषि, पर्यटन और बुनियादी ढांचे में संतुलित निवेश किया जाएगा,” उन्होंने कहा।
राज्य सरकार आने वाले वर्षों में ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के विज़न के तहत सतत विकास, पर्यावरणीय संरक्षण और जनकल्याण योजनाओं को प्राथमिकता देने की दिशा में काम कर रही है।
