भोपाल में आयोजित होगी 22वीं अखिल भारतीय वार्षिक टीडीएस कॉन्फ्रेंस, कर प्रणाली में नवाचार और पारदर्शिता पर होगा फोकस
आयकर विभाग, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ क्षेत्र द्वारा आयोजित 22वीं अखिल भारतीय वार्षिक टीडीएस कॉन्फ्रेंस एवं प्रिंसिपल मुख्य आयुक्त सम्मेलन का आयोजन गुरुवार को भोपाल के...
आयकर विभाग, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ क्षेत्र द्वारा आयोजित 22वीं अखिल भारतीय वार्षिक टीडीएस कॉन्फ्रेंस एवं प्रिंसिपल मुख्य आयुक्त सम्मेलन का आयोजन गुरुवार को भोपाल के होटल ताज लेकफ्रंट में होगा। यह सम्मेलन केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है और इसमें देशभर के शीर्ष कर अधिकारियों की भागीदारी होगी।
देशभर के वरिष्ठ कर अधिकारी एक मंच पर
सम्मेलन का उद्घाटन सीबीडीटी के चेयरमैन रवि अग्रवाल करेंगे। उनके साथ मंच पर पंकज मिश्रा (सदस्य, टीपीएस एवं राजस्व), जी. अपर्णा राव (सदस्य, लेखा एवं न्यायिक), संजय बहादुर (सदस्य, आयकर) और प्रसेनजीत सिंह (सदस्य, सीबीडीटी) मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में देशभर के 18 जोनों के प्रिंसिपल मुख्य आयुक्त, मुख्य आयुक्त, महानिदेशक, आयुक्त तथा वरिष्ठ टीडीएस अधिकारी शामिल होंगे।
ललित कृषण सिंह देहिया, प्रिंसिपल मुख्य आयुक्त (म.प्र. एवं छ.ग.), मुख्य अतिथियों का स्वागत करेंगे और सम्मेलन के उद्देश्यों—नवाचार, सहयोग और दक्षता—पर प्रकाश डालेंगे।
स्वैच्छिक कर अनुपालन पर होगा जोर
उद्घाटन सत्र के दौरान चेयरमैन रवि अग्रवाल एक विशेष जागरूकता पोस्टर जारी करेंगे, जिसका उद्देश्य स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देना और समय पर सही टीडीएस कटौती के महत्व को रेखांकित करना है।
आयकर विभाग के अनुसार, इस पहल का मकसद करदाताओं में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।
तकनीकी सत्रों में होगी गहन चर्चा
सम्मेलन के दौरान दिनभर चलने वाले तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञ आयकर अधिनियम, 2025 में हुए नवीनतम संशोधनों, विशेषकर टीडीएस प्रावधानों, सीमा विस्तार और कंपाउंडिंग गाइडलाइंस पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि इन सत्रों का प्रमुख लक्ष्य डेटा-आधारित अनुपालन प्रणाली को प्रोत्साहित करना और डिजिटल पारदर्शिता को मजबूत करना है।
नई कंपाउंडिंग गाइडलाइंस पर विशेष सत्र
सम्मेलन का एक विशेष सत्र 17 अक्टूबर 2024 को जारी नई कंपाउंडिंग गाइडलाइंस पर केंद्रित होगा। इन गाइडलाइंस का उद्देश्य विवाद निपटान प्रक्रिया को सरल बनाना, मुकदमों की संख्या घटाना और करदाताओं के लिए तेज समाधान प्रदान करना है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल कर प्रशासन अधिक पारदर्शी बनेगा, बल्कि ‘ईज ऑफ टैक्स कंप्लायंस’ की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा।
डिजिटल कर शासन की दिशा में कदम
सीबीडीटी के अधिकारियों के मुताबिक, इस सम्मेलन से डिजिटल युग में कर प्रशासन को अधिक सक्षम और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस रणनीतियाँ तय की जाएंगी।
विभाग का उद्देश्य डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से करदाताओं के अनुभव को सरल और विश्वसनीय बनाना है।
