नीट-यूजी 2026 रद्द: सीबीआई जांच, पुन: परीक्षा तिथि घोषित
पेपर लीक की खबरों के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं और पुन: परीक्षा की...

मुख्य बातें
क्या हुआ: पेपर लीक की खबरों और बाद की जांच के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई।
महत्व क्यों: परीक्षा रद्द होने से उच्च-दांव परीक्षाओं की अखंडता और एनटीए के कामकाज पर चिंताएं बढ़ गई हैं।
क्या बदलाव: पुन: परीक्षा आयोजित की जाएगी, और प्रभावित उम्मीदवारों को उनकी फीस वापस कर दी जाएगी। नए आवेदन की आवश्यकता नहीं है।
कौन प्रभावित: 3 मई, 2026 को परीक्षा देने वाले 22 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवार।
नीट-यूजी 2026 रद्द: पूरी कहानी
पेपर लीक के आरोपों के कारण नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। इससे एक बड़ा विवाद और सीबीआई जांच शुरू हो गई है।
3 मई को परीक्षा देने वाले 22 लाख से अधिक छात्रों को फिर से परीक्षा देनी होगी। पुन: परीक्षा 21 जून, 2026 को निर्धारित है।
पेपर लीक के आरोप
विवाद की शुरुआत राजस्थान में एक हस्तलिखित "गेस पेपर" की खबरों से हुई। आरोप है कि इस पेपर में वास्तविक नीट परीक्षा के कई प्रश्न मेल खाते हैं।
जांचकर्ताओं को लीक हुए मटेरियल और अंतिम पेपर के बीच 120 से अधिक प्रश्नों का ओवरलैप मिला। इससे परीक्षा प्रक्रिया के बारे में चिंताएं बढ़ गईं।
एनटीए की प्रतिक्रिया और सीबीआई जांच
एनटीए ने 12 मई को नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी। उन्होंने परीक्षा की निष्पक्षता के बारे में खोजी एजेंसियों द्वारा उठाई गई चिंताओं का हवाला दिया।
"जांच एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर पर्याप्त चिंता जताई।"
केंद्र ने मामले को सीबीआई को सौंप दिया, जिसने एक एफआईआर दर्ज की। आरोपों में आपराधिक साजिश और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत अपराध शामिल हैं।
घटनाक्रम का क्रम
- 3 मई, 2026: 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए नीट-यूजी 2026 आयोजित।
- 4–7 मई: वास्तविक प्रश्नों से मिलते-जुलते "गेस पेपर" की खबरें सामने आईं।
- 7–8 मई: एनटीए और जांच एजेंसियों को अनियमितताओं के बारे में इनपुट मिले।
- 10 मई: एनटीए ने संकेत दिया कि चिंताएं विचाराधीन हैं।
- 12 मई: एनटीए ने नीट-यूजी 2026 रद्द कर दी; सीबीआई जांच के आदेश दिए।
- 13 मई: सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की; पांच गिरफ्तारियां हुईं।
- 14–15 मई: जांच का दायरा बढ़ा; दो और गिरफ्तारियां, 14 स्थानों पर छापे।
- 16 मई से आगे: सीबीआई ने विस्तारित हिरासत मांगी; जांच का विस्तार।
पुन: परीक्षा और भविष्य के सुधार
पुन: परीक्षा 21 जून को निर्धारित है। सभी पंजीकृत उम्मीदवारों को फिर से उपस्थित होना होगा।
अधिकारी नीट को कंप्यूटर-आधारित मोड में स्थानांतरित करने पर विचार कर रहे हैं। इससे भविष्य में पेपर लीक का खतरा कम हो जाएगा।
प्रभाव और चिंताएं
विवाद ने उच्च-दांव परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। इससे एनटीए के कामकाज के बारे में भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
विपक्षी नेता जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। छात्र समूह मानसिक तनाव और वित्तीय बोझ को लेकर चिंतित हैं।
आगे क्या देखना है
सीबीआई जांच जारी है, जिसमें आगे गिरफ्तारियों और खुलासे की संभावना है। 21 जून को होने वाली पुन: परीक्षा के सटीक विवरण, जिसमें प्रवेश पत्र जारी करना और परीक्षा केंद्र की जानकारी शामिल है, के बारे में घोषणाओं पर नज़र रखें।
