जेईई मेन 2026 टॉपर: अर्णव गौतम का लक्ष्य आईआईटी बॉम्बे कंप्यूटर साइंस
राजस्थान के अर्णव गौतम ने जेईई मेन 2026 सेशन 1 में 100 पर्सेंटाइल हासिल किया। अब उनका लक्ष्य आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई...

मुख्य बातें
- क्या हुआ: राजस्थान के अर्णव गौतम ने जेईई मेन 2026 सेशन 1 में परफेक्ट स्कोर हासिल किया, 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किया।
- महत्व क्यों: उनकी सफलता प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में कोचिंग, स्व-अध्ययन और मानसिक कल्याण के महत्व को दर्शाती है।
- लोगों के लिए क्या बदलाव: जेईई के इच्छुक उम्मीदवार परीक्षा की तैयारी और समय प्रबंधन के लिए अर्णव की रणनीतियों से सीख सकते हैं।
- कौन प्रभावित: जेईई के इच्छुक, माता-पिता, कोचिंग सेंटर और शीर्ष रैंक के लिए लक्ष्य रखने वाले आईआईटी के उम्मीदवार।
जेईई मेन 2026 टॉपर की सफलता
राजस्थान के अर्णव गौतम जेईई मेन 2026 सेशन 1 में 100 पर्सेंटाइल स्कोर करके शीर्ष प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सोमवार को परिणाम जारी किए। 12 छात्रों ने यह उपलब्धि हासिल की।
अर्णव ने अपने पहले प्रयास में 300 में से 295 अंक प्राप्त किए। अपने माता-पिता की मानविकी पृष्ठभूमि के बावजूद, उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा में शुरुआत से ही इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित किया।
अर्णव की तैयारी रणनीति
अर्णव अपनी कक्षा 12 की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं जो 17 फरवरी से शुरू हुईं। उनकी मां ने उनकी लगन और स्वतंत्र अध्ययन की आदतों पर जोर दिया। उन्होंने मुख्य रूप से एलन इंस्टीट्यूट के कोचिंग नोट्स पर भरोसा किया।
अर्णव हमेशा से बुद्धिमान और अपनी पढ़ाई में बहुत ईमानदार था। उसका एक सख्त शेड्यूल है। वह पढ़ाई के मामले में भी स्वतंत्र है। अर्णव ने एलन से पढ़ाई की और पूरी तरह से कोचिंग नोट्स पर भरोसा किया।
उनकी मां ने उनकी मानसिक और शारीरिक भलाई के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला, वे कोचिंग सत्र के बाद अपने छोटे भाई के साथ क्रिकेट खेलते थे।
स्व-अध्ययन और कोचिंग का महत्व
अर्णव का मानना है कि स्व-अध्ययन महत्वपूर्ण है, लेकिन पेशेवर कोचिंग आवश्यक दिशा और तत्काल संदेह समाधान प्रदान करती है। वह जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में इसके महत्व पर जोर देते हैं।
मेरा मानना है कि किसी अवधारणा को सही मायने में समझने के लिए स्व-अध्ययन सबसे महत्वपूर्ण कारक है, लेकिन पेशेवर कोचिंग के बिना सही दिशा खोजना लगभग असंभव है। जेईई जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में, संदेहों का तत्काल समाधान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
परीक्षा के दिन की रणनीति
अर्णव के दृष्टिकोण में सबसे पहले रसायन विज्ञान, उसके बाद भौतिकी और अंत में गणित को हल करना शामिल था।
- रसायन विज्ञान - पहले
- भौतिकी - दूसरा
- गणित - अंतिम
उनके अनुशासित समय प्रबंधन ने उन्हें पूरी परीक्षा की समीक्षा करने, त्रुटियों को पकड़ने और त्रुटिहीन प्रदर्शन के लिए सुधारने की अनुमति दी।
मेरे अनुशासित समय प्रबंधन ने मुझे न केवल जल्दी समाप्त करने की अनुमति दी; इसने मुझे पूरी परीक्षा का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए एक महत्वपूर्ण 'बफर ज़ोन' प्रदान किया। इस अंतिम स्वीप ने मुझे त्रुटियों को पकड़ने की अनुमति दी, जिससे शून्य-त्रुटि प्रदर्शन और त्रुटिहीन परिणाम सुनिश्चित हुए।
भविष्य की आकांक्षाएं
अर्णव का लक्ष्य जेईई एडवांस्ड 2026 में शीर्ष रैंक हासिल करना और आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना है। जेईई के अलावा, अर्णव ने 2023 में जूनियर साइंस ओलंपियाड ओसीएससी, 2024 में एस्ट्रो ओलंपियाड ओसीएससी और 2025 में फिजिक्स ओलंपियाड ओसीएससी सहित कई ओलंपियाड में भाग लिया। उन्होंने एशियाई फिजिक्स ओलंपियाड 2025 में कांस्य पदक भी जीता।
आगे क्या देखना है
अर्णव अब जेईई एडवांस्ड 2026 की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसका लक्ष्य आईआईटी बॉम्बे के कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम में अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए शीर्ष रैंक हासिल करना है। आगामी कक्षा 12 की परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
