मध्य प्रदेश में महिला-बाल विकास का नया रोडमैप: 2026 से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन, प्री-स्कूल शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव
मध्य प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए अगले कुछ वर्षों का व्यापक रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभागीय...

मध्य प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए अगले कुछ वर्षों का व्यापक रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभागीय समीक्षा बैठक में साफ निर्देश दिए कि लाड़ली लक्ष्मी योजना की किसी भी लाभार्थी बालिका की पढ़ाई बीच में न छूटने पाए और हर स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में पोषण, शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए हैं, जिनका राज्य में महिलाओं और बच्चों की कल्याण प्रणाली पर व्यापक असर पड़ेगा।
🔸 शहरी आंगनवाड़ियों में 2026 से मिलेगा गर्म पका भोजन
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि साल 2026 से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म पका हुआ भोजन सेंट्रलाइज़्ड किचन मॉडल के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस मॉडल से—
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भोजन की गुणवत्ता बेहतर होगी,
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पोषण मानकों की निगरानी आसान होगी,
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और आंगनवाड़ी सहायिकाओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
🔸 प्री-स्कूल शिक्षा में सुधार: वर्कबुक और डेवलपमेंट कार्ड
बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार वर्कबुक और विकास कार्ड (डेवलपमेंट कार्ड) लागू करेगी। इनके जरिए बच्चों की सीखने की प्रगति का व्यवस्थित मूल्यांकन किया जाएगा।
शिक्षाविदों का मानना है कि यह पहल आंगनवाड़ी-स्तर की शिक्षा में संरचनात्मक बदलाव ला सकती है।
🔸 34 लाख लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को मिलेगा लाभ
सरकार ने पुष्टि की कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 34 लाख से अधिक बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
“लाड़ली लक्ष्मी हमारी प्राथमिकता है। किसी लड़की की शिक्षा किसी भी परिस्थिति में रुकनी नहीं चाहिए।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्रॉप-आउट के हर मामले को तुरंत चिन्हित कर पुन: प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।
🔸 9,000 नई आंगनवाड़ी इमारतें
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार 9,000 नई आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की योजना पर कार्य करेगी।
यह अब तक का सबसे बड़ा आंगनवाड़ी अधोसंरचना विस्तार माना जा रहा है।
🔸 महिला सशक्तिकरण पर बड़े अभियान
महिला सुरक्षा और अधिकारों को लेकर Hub for Empowerment of Women के अंतर्गत बड़े जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इनमें शामिल होंगे:
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लैंगिक समानता पर प्रशिक्षण
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कानूनी सहायता से जुड़े कार्यक्रम
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सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जागरूकता
इसके अलावा बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ के तहत कौशल प्रशिक्षण, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियाँ होंगी।
🔸 “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी” — CM
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं की सख्त मॉनिटरिंग की जाए और लक्ष्य-आधारित कार्यवाही सुनिश्चित हो।
