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2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को छूट: विधायक ने CM से विशेष सत्र का आग्रह किया

चाचौड़ा विधायक प्रियंका पैंची ने मप्र के मुख्यमंत्री से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से छूट देने और इस हेतु विधानसभा का...

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संवाददाता: राजा हतम वेग
2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को छूट: विधायक ने CM से विशेष सत्र का आग्रह किया

गुना / चाचौड़ा | संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | चाचौड़ा | 14 सितंबर 2026

चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र की विधायक प्रियंका पैंची ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र भेजकर वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने इस संवेदनशील मसले के स्थायी समाधान के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का भी आग्रह किया है।

विधायक पैंची ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम वर्ष 2010 में प्रदेश में लागू हुआ था। हालांकि, वर्तमान नियमों के तहत, 2010 से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर भी पात्रता परीक्षा का नियम लागू किया जा रहा है। इन शिक्षकों में वे वरिष्ठ पेशेवर भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी सेवाएं देते हुए 20 से 25 वर्ष का लंबा कार्यकाल पूरा कर लिया है। वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवा कर रहे इन अनुभवी शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता एक बड़ा मानसिक तनाव और अनिश्चितता का कारण बन गई है।

अनुभवी शिक्षकों के हित में विशेष सत्र का आग्रह

लाखों शिक्षकों के भविष्य और उनकी सेवा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, विधायक प्रियंका पैंची ने मुख्यमंत्री से इस नीतिगत मुद्दे का एक स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को इस पात्रता परीक्षा की बाध्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाना चाहिए। विधायक का मानना है कि इससे लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे वरिष्ठ शिक्षकों को राहत मिलेगी और उनके भविष्य की अनिश्चितता समाप्त होगी।

यह मामला प्रदेश के हजारों अनुभवी शिक्षकों के भविष्य से सीधा जुड़ा हुआ है। इन शिक्षकों को वर्तमान नियमों के कारण जो कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, उसे देखते हुए सरकार से तत्काल कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है। विधायक के इस पत्र ने शिक्षकों के बीच एक बार फिर इस मुद्दे को जीवंत कर दिया है, और अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और किस प्रकार का समाधान प्रस्तुत करती है।