भोपाल मेट्रो विस्तार को लेकर बड़ी घोषणा संभव, 20 दिसंबर को मिल सकती है नई दिशा
भोपाल मेट्रो के बहुप्रतीक्षित विस्तार की घोषणा 20 दिसंबर को होने की संभावना है। इस दिन केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर...

भोपाल मेट्रो के बहुप्रतीक्षित विस्तार की घोषणा 20 दिसंबर को होने की संभावना है। इस दिन केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर प्राथमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। प्रस्तावित विस्तार में मंडीदीप, एयरपोर्ट और शहर के अन्य क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना शामिल है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एयरपोर्ट से मेट्रो को जोड़ने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पर काम शुरू हो चुका है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार मेट्रो परियोजनाओं का स्थानीय हवाई अड्डों से जुड़ना आवश्यक माना जाता है।
भोपाल मेट्रो की योजना में मंडीदीप को भी शामिल किया गया है, भले ही यह शहर की प्रशासनिक सीमा से बाहर हो, लेकिन इसे अधिसूचित महानगरीय क्षेत्र का हिस्सा माना गया है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग एक दशक के लंबे इंतजार के बाद भोपाल मेट्रो में यात्री सेवाएं शुरू होने जा रही हैं। डिपो तैयार है और अगले दो वर्षों में दो लाइनों के पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है, जिसके बाद मेट्रो विस्तार पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि बुनियादी ढांचा तैयार होने के कारण विस्तार की लागत अपेक्षाकृत कम होगी। वर्तमान चरण में एक किलोमीटर मेट्रो लाइन विकसित करने की लागत लगभग 280 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसे घटाकर करीब 200 करोड़ रुपये तक लाना संभव है। अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त 6,000 करोड़ रुपये के निवेश से मेट्रो को शहर के बाहरी इलाकों तक बढ़ाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने कोलार सिक्स-लेन परियोजना का भी हवाला दिया, जिसमें सड़क विस्तार के दौरान भविष्य की मेट्रो लाइन के लिए प्रावधान पहले से किए गए हैं। ऐसे कदम मेट्रो निर्माण की लागत को और कम कर सकते हैं। एयरपोर्ट लिंक न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि भौरी स्थित शैक्षणिक हब—जहां ICMR, SPA, IISER और NIFT जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं—को भी बेहतर कनेक्टिविटी देगा।
मंडीदीप उद्योग संघ के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि मंडीदीप से शहर के केंद्र होते हुए एयरपोर्ट तक मेट्रो लाइन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि मंडीदीप और आसपास के क्षेत्रों में करीब 1.5 लाख की फ्लोटिंग आबादी है। इस रूट से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जीवन स्तर में सुधार होगा और शहर के संसाधनों पर दबाव भी कम होगा।
