भोपाल में भयानक आग: भारत टॉकीज़ रोड पर आरी मिलों में भीषण आग, पांच दुकानें जलकर खाक — 20 दमकलें तैनात, फिर उठा शिफ्टिंग का सवाल
भोपाल के भारत टॉकीज़ रोड पर रविवार देर रात लगी आग ने भीषण रूप ले लिया, जिसमें पाँच आरी मिलें और दो फर्नीचर शो-रूम पूरी...

भोपाल के भारत टॉकीज़ रोड पर रविवार देर रात लगी आग ने भीषण रूप ले लिया, जिसमें पाँच आरी मिलें और दो फर्नीचर शो-रूम पूरी तरह जलकर राख हो गए। लकड़ी के ढेरों और मशीनों में आग लगने से लपटें 30 फीट तक उठीं। करीब 20 दमकल वाहनों की मदद से कई घंटों बाद आग पर काबू पाया जा सका।
🔥 आधी रात को मचा हड़कंप, आग ने लिया विकराल रूप
रविवार रात लगभग 11 बजे भारत टॉकीज़ रोड पर स्थित आरी मिल क्षेत्र में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। चंद मिनटों में ही लकड़ी के ढेर और मशीनरी ने आग को विकराल रूप दे दिया।
आरी मिलों में काम कर रहे कर्मचारियों ने तत्काल फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। जब तक दमकल दल मौके पर पहुँचा, तब तक आग दो नज़दीकी फर्नीचर शो-रूम तक फैल चुकी थी।
आँखों देखी गवाहों के मुताबिक, “आग की लपटें इतनी ऊँची थीं कि कुछ देर के लिए पूरा इलाका लाल रोशनी में डूब गया। लोग अपने घरों से भागकर सड़क पर आ गए।”
🚒 20 दमकलों ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन
फायर ऑफिसर सौरभ कुमार पटेल ने बताया कि आग को नियंत्रित करने के लिए 20 से अधिक दमकल वाहन — पुल बोगदा, बैरागढ़, फतेहगढ़, गांधी नगर, ट्रैफिक पार्क, माता मंदिर और यूनानी शफाखाना फायर स्टेशनों से भेजे गए।
दमकल टीमों ने पहले आग से सटे दुकानों पर पानी का छिड़काव किया ताकि आग आगे न बढ़े। रातभर चली मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।
😱 धुएँ से घिरा इलाका, ट्रैफिक हुआ ठप
घटना के दौरान घना धुआँ पूरे क्षेत्र में फैल गया। फायर ब्रिगेड के सायरनों और ट्रकों की आवाज़ से क्षेत्र में दहशत फैल गई।
ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत भारत टॉकीज़ रोड को घेराबंदी कर वाहनों को अन्य मार्गों पर डायवर्ट किया। भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रखा गया ताकि राहत कार्य बाधित न हों।
🪵 बार-बार लग रही आग, फिर भी नहीं हुआ विस्थापन
भारत टॉकीज़ और बरखेड़ी फाटक के बीच करीब 108 आरी मिलें संचालित होती हैं। बीते दो वर्षों में यहां कई बार आग लग चुकी है।
फरवरी 2023 और पिछले साल दिसंबर में भी इसी क्षेत्र में बड़े हादसे हुए थे, जिनमें करोड़ों का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद अब तक मिलों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
शहरी सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लकड़ी के गोदाम और घनी आबादी का यह संयोजन लगातार आग के खतरे को बढ़ा रहा है, और बार-बार ऐसे हादसे होने से सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी उजागर होती है।
🧯 प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और अग्निशमन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर बार जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन आग लगने के बाद ही जागरूकता दिखाई जाती है।
एक व्यापारी ने कहा, “हम हर बार नुकसान झेलते हैं, लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। अगर मिलों का उचित लाइसेंस और सुरक्षा निरीक्षण होता, तो यह स्थिति नहीं आती।”
