भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच 2 जून को सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत के आसार
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी रहने की आशंका है।

मुख्य सारांश:
- क्या हुआ: भारतीय शेयर बाजार के सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, 1 जून को लगातार चौथे सत्र में गिरे और 2 जून को इनके कमजोर खुलने की उम्मीद है।
- यह क्यों महत्वपूर्ण है: अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत और मध्य पूर्व में युद्धविराम को लेकर बनी अनिश्चितता ने वैश्विक एआई (AI) आशावाद से बने सकारात्मक माहौल को कमजोर कर दिया है।
- क्या बदलाव आया: शुरुआती कारोबार में गिफ्ट निफ्टी 23,305 के आसपास गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जो भारतीय बाजारों के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत है।
- कौन प्रभावित है: शेयर बाजार के निवेशक, डे ट्रेडर्स और भारतीय व वैश्विक बाजारों पर नजर रखने वाले वित्तीय क्षेत्र के विश्लेषक।
लगातार चौथे सत्र में बाजार की गिरावट जारी
उतार-चढ़ाव के बीच 1 जून, 2026 को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक, बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 508.40 अंक या 0.68 प्रतिशत टूटकर 74,267.34 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 165.15 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 23,382.60 पर समाप्त हुआ।
इस उतार-चढ़ाव भरे सत्र के दौरान, बाजार के खिलाड़ियों ने सतर्क रुख अपनाया क्योंकि वे चल रही अमेरिका-ईरान वार्ताओं से जुड़े घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे थे। निवेशकों द्वारा इस बातचीत की निगरानी के कारण 1 जून को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुए।
वैश्विक भू-राजनीतिक संकेतों ने एआई आशावाद को किया कमजोर
मंगलवार, 2 जून को एशियाई शेयर बाजारों की शुरुआत सतर्क रही क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव तकनीकी क्षेत्र से मिलने वाली बढ़त पर भारी पड़ा। मध्य पूर्व में युद्धविराम होने को लेकर बनी अनिश्चितता ने बाजार की उस तेजी को सीमित कर दिया, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़े उत्साह से सहारा मिला था।
इन अंतरराष्ट्रीय संकेतों के चलते 2 जून को भारतीय सूचकांकों की शुरुआत नकारात्मक होने की संभावना है। सुबह के शुरुआती कारोबार में गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) 23,305 के आसपास कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण होगा
बाजार के शुरुआती रुझानों का अनुमान लगाने के लिए निवेशकों को गिफ्ट निफ्टी के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। घरेलू शेयरों की चाल काफी हद तक अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति और मध्य पूर्व युद्धविराम को लेकर होने वाले घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।
