सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि: शशि थरूर बोले — “भारत की आत्मा सरदार पटेल की सच्चाई से आती है”, पीएम मोदी ने नेहरू पर साधा निशाना
देश के पहले गृह मंत्री और ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर शुक्रवार को पूरे देश में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।...

देश के पहले गृह मंत्री और ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर शुक्रवार को पूरे देश में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर जहां कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पटेल की दूरदृष्टि और सत्यनिष्ठा को भारत की “आंतरिक चेतना” बताया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए पटेल को भारत की एकता का प्रतीक बताया — साथ ही कश्मीर मुद्दे पर नेहरू सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
शशि थरूर: “भारत की रीढ़, रोशनी और आत्मा — अंबेडकर, नेहरू और पटेल”
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने X (पूर्व ट्विटर) पर सरदार पटेल को नमन करते हुए महात्मा गांधी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी के शब्द उद्धृत किए।
थरूर ने लिखा —
“यदि भारतीय गणराज्य के जीवन में कोई रीढ़ है तो वह अंबेडकर की दृढ़ता से आती है, यदि उसमें कोई प्रकाश है तो वह नेहरू की दृष्टि से आता है, और यदि उसमें कोई आत्मा है तो वह पटेल की सत्यनिष्ठा से आती है।”
थरूर ने आगे लिखा कि भारत भाग्यशाली था कि स्वतंत्रता के बाद इन तीनों महापुरुषों का नेतृत्व मिला।
“भारत धन्य है कि अशांत काल में हमारे पास यह तिकड़ी थी। लौह पुरुष को प्रणाम,” — शशि थरूर।
राहुल गांधी: “भारत को एक सूत्र में पिरोने वाले सच्चे राष्ट्र निर्माता”
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी X पर सरदार पटेल को “नम्र श्रद्धांजलि” दी।
उन्होंने लिखा —
“भारत को एक सूत्र में पिरोकर उन्होंने एकता और अखंडता की नींव रखी। उनका साहस, दूरदृष्टि और आदर्श हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे।”
मल्लिकार्जुन खड़गे: “सरदार की विचारधारा कांग्रेस की आत्मा में समाई”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पंडित नेहरू ने उन्हें “भारत की एकता का शिल्पकार” कहा था।
खड़गे ने याद दिलाया कि कराची कांग्रेस (1931) के दौरान पटेल की अध्यक्षता में पारित मौलिक अधिकारों का प्रस्ताव भारतीय संविधान की आत्मा बना।
“सद्भाव, समानता और भाईचारे पर आधारित पटेल के विचार कांग्रेस की विचारधारा का अभिन्न हिस्सा हैं,” — खड़गे।
प्रधानमंत्री मोदी: “सरदार पटेल ने जो सपना देखा, नेहरू ने रोक दिया”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित की और सरदार पटेल को नमन किया।
उन्होंने कहा कि 550 से अधिक रियासतों को एक करने का “असंभव कार्य” पटेल ने संभव कर दिखाया।
मोदी ने कहा —
“सरदार पटेल ने कश्मीर को भी उसी तरह भारत में मिलाने की इच्छा जताई थी, जैसे अन्य रियासतों को किया। लेकिन नेहरू जी ने उनकी इच्छा को रोक दिया। कश्मीर को अलग संविधान और झंडा दिया गया — और कांग्रेस की भूलों का देश ने दशकों तक खामियाजा भुगता।”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की “कमजोर नीतियों” की वजह से कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला गया।
“कांग्रेस सरदार साहब की दृष्टि भूल गई, लेकिन हमने नहीं,” — प्रधानमंत्री मोदी।
सरदार पटेल: भारत की एकता के निर्माता
सरदार वल्लभभाई पटेल (1875–1950) भारत के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री थे। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद 550 से अधिक रियासतों के एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) के रूप में 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रारंभ किया, ताकि देश में एकता और अखंडता की भावना को बढ़ावा दिया जा सके।
