भोपाल में वर्क-फ्रॉम-होम का झांसा देकर युवक से 1.49 लाख की ऑनलाइन ठगी; इंस्टाग्राम से शुरू हुई बातचीत, टेलिग्राम–व्हाट्सएप पर बढ़ा जाल
भोपाल के गौतम नगर निवासी एक युवक को इंस्टाग्राम पर मिली वर्क-फ्रॉम-होम जॉब ऑफर इतनी महंगी पड़ी कि वह करीब 1.49 लाख रुपये साइबर ठगों...

भोपाल के गौतम नगर निवासी एक युवक को इंस्टाग्राम पर मिली वर्क-फ्रॉम-होम जॉब ऑफर इतनी महंगी पड़ी कि वह करीब 1.49 लाख रुपये साइबर ठगों के हाथों गंवा बैठा। शुरुआत में छोटे-छोटे बोनस देकर भरोसा जीतने वाले ठग बाद में “इन्वेस्टमेंट” और “टास्क सेटलमेंट” के नाम पर लगातार रकम निकलवाते रहे। आखिरकार पैसे मांगने पर पीड़ित को ब्लॉक कर दिया गया।
टेलिग्राम और व्हाट्सएप के जरिए रचा गया ठगी का जाल
गौतम नगर पुलिस के अनुसार, पीड़ित विनोद कुमार अहरवार ने e-FIR में बताया कि 11 सितंबर को उन्हें एक अनजान टेलिग्राम आईडी से संदेश मिला। इसके बाद एक व्हाट्सएप नंबर—“प्रियंका मोहन”—से संपर्क किया गया।
संदेश भेजने वाले ने खुद को एक कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कैशबैक आधारित वर्क-फ्रॉम-होम जॉब ऑफर किया।
छोटे बोनस देकर बढ़ाया भरोसा
ठगों ने विनोद को 25 “लीज़” पूरा करने का टास्क दिया, जिसे पूरा करने पर उन्हें कुछ बोनस राशि भेजी गई।
इससे विनोद का भरोसा बढ़ा और वे आगे के काम के लिए तैयार हो गए।
50,000 रुपये का पहला बड़ा जाल
17 सितंबर को ठगों ने विनोद से 50,000 रुपये UPI से ट्रांसफर करने को कहा, यह दावा करते हुए कि उन्हें 25% रिटर्न मिलेगा और कुल 80,000 रुपये वापस किए जाएंगे।
लेकिन रकम लौटाई नहीं गई।
लालच का सिलसिला: बड़ी रकम की मांग
इसके बाद ठगों ने
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अगला टास्क पूरा करने के लिए 1.36 लाख रुपये,
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और फिर “सेटलमेंट” के नाम पर 47,893 रुपये,
मांगे।
एक पैसे की भी वापसी नहीं हुई।
अंत में, अंतिम रिफंड जारी करने के नाम पर 51,241 रुपये और मांगे गए। भरोसा करते हुए विनोद ने यह राशि भी भेज दी।
इस तरह कुल नुकसान 1,49,000 रुपये तक पहुंच गया।
ब्लॉक कर फरार, पीड़ित पहुंचा साइबर सेल
जब विनोद ने पैसा वापस मांगा, तो आरोपियों ने उन्हें सभी प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक कर दिया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम शाखा में शिकायत की।
गौतम नगर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि—
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बिना सत्यापन के किसी भी वर्क-फ्रॉम-होम ऑफर पर भरोसा न करें,
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शुरुआती “बोनस पेमेंट” अक्सर बड़े जाल का हिस्सा होता है,
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किसी अज्ञात UPI लिंक या QR कोड पर पैसा न भेजें,
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और किसी भी तरह की निवेश सलाह पर पहले आधिकारिक चैनल से कंपनी की जांच करें।
