चाय ठेले चलाने वाले दंपति से फर्जी वकील ने ठगी की ₹1.33 लाख, अदालत के आदेश पर शाहजहानाबाद पुलिस ने दर्ज किया मामला
भोपाल के शाहजहानाबाद इलाके में एक चाय ठेला चलाने वाले गरीब दंपति को एक फर्जी वकील ने अदालत से एफडीआर राशि दिलाने के नाम पर...

भोपाल के शाहजहानाबाद इलाके में एक चाय ठेला चलाने वाले गरीब दंपति को एक फर्जी वकील ने अदालत से एफडीआर राशि दिलाने के नाम पर ₹1.33 लाख का चूना लगा दिया। पीड़ितों की शिकायत पर अदालत के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता लक्ष्मी यादव और उनके पति हरि प्रसाद यादव कुम्हारपुरा मिलिट्री गेट के पास रहते हैं और एक छोटा चाय का ठेला चलाते हैं। दंपति ने अपनी वर्षों की कमाई से एक कंपनी की फिक्स्ड डिपॉजिट योजना (एफडीआर) में निवेश किया था, जिसके परिपक्व होने पर लगभग ₹10 लाख मिलने थे।
लेकिन कंपनी पर चल रहे एक मुकदमे के कारण वे अपनी राशि नहीं निकाल पाए।
फर्जी वकील ने ऐसे रचा ठगी का जाल
इसी दौरान पप्पू राजक उर्फ शिवचरण राजक नाम का व्यक्ति, जो अक्सर उनके ठेले पर चाय पीने आता था, ने खुद को ‘एडवोकेट’ बताकर दंपति से बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे विश्वास जीतकर उसने दावा किया कि वह अदालत के ज़रिए जल्द ही उनकी एफडीआर की रकम दिला सकता है।
उसने कहा कि रकम मिलते ही 25% हिस्सा उसकी फीस के रूप में देना होगा। भरोसा करते हुए दंपति ने पहले ₹50,000, फिर ₹80,000 और बाद में ₹3,000 — कुल ₹1.33 लाख उसे दे दिए। आरोपी ने बताया कि उसने जबलपुर हाई कोर्ट में केस दायर कर दिया है।
सच सामने आने पर हिल गए पीड़ित
कुछ समय बाद जब दंपति ने अदालत से जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि उनके नाम से कोई मामला दर्ज ही नहीं हुआ है और पप्पू राजक वकील भी नहीं है।
जब उन्होंने पैसे और दस्तावेज़ वापस मांगे, तो आरोपी ने न केवल रकम लौटाने से इनकार किया बल्कि धमकियाँ भी दीं।
आखिरकार लक्ष्मी यादव ने अदालत की शरण ली, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर शाहजहानाबाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC की धारा 420) का मामला दर्ज किया है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी की तलाश की जा रही है और उसके बैंक खातों व कॉल डिटेल्स की जांच शुरू हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि यह संभव है कि उसने इसी तरह और लोगों से भी ठगी की हो।
प्रसंग और महत्व
छोटे निवेशकों के साथ इस तरह की ठगी की घटनाएँ यह दिखाती हैं कि कैसे भोले-भाले लोग न्याय या निवेश से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं की जानकारी न होने के कारण ठगों का शिकार बन जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वित्तीय या कानूनी मदद के लिए केवल प्रमाणित वकील या पंजीकृत एजेंसी की सलाह लेनी चाहिए।
