12 नंबर स्टॉप पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजना में देरी से लाभार्थियों में आक्रोश, मेयर से हुआ तीखा सवाल-जवाब
भोपाल नगर निगम वार्ड-49 के अंतर्गत 12 नंबर स्टॉप स्थित ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ बहुमंजिला आवासीय परियोजना के लाभार्थियों ने फ्लैटों के कब्जे में हो रही...

भोपाल नगर निगम वार्ड-49 के अंतर्गत 12 नंबर स्टॉप स्थित ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ बहुमंजिला आवासीय परियोजना के लाभार्थियों ने फ्लैटों के कब्जे में हो रही देरी को लेकर गहरा असंतोष जताया है। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान मेयर मालती राय को स्थानीय निवासियों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। लाभार्थियों ने पूछा कि आखिर उन्हें अपने घर कब मिलेंगे।
लाभार्थियों का आरोप है कि उन्होंने वर्षों पहले फ्लैट बुक कराए थे और तय राशि भी जमा कर दी, इसके बावजूद अब तक उन्हें कब्जा नहीं दिया गया है। निरीक्षण के दौरान बारिश में जलभराव, घटिया निर्माण गुणवत्ता और अधूरे कार्य को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। आक्रोश इस कदर बढ़ गया कि एक लाभार्थी ने मेयर का रास्ता रोकते हुए कहा कि वह जनवरी तक इंतजार कर चुका है और अब और प्रतीक्षा संभव नहीं है।
बाद में मेयर मालती राय ने देरी का कारण रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) से समय पर मंजूरी न मिलना बताया। उन्होंने कहा कि अब आवश्यक अनुमतियां मिल चुकी हैं और निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है। मेयर ने आश्वासन दिया कि सभी आवंटित मकानों का कब्जा मई 2026 तक सौंप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि देरी के कारण लाभार्थियों पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ा है, क्योंकि वे एक साथ होम लोन की किस्त और किराया दोनों चुका रहे हैं, और अधिकारियों को काम तेज करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यह परियोजना वर्ष 2017 में 12 नंबर बस स्टॉप के पास शुरू की गई थी, जिसे दो वर्षों में पूरा किया जाना था। परियोजना में 216 एमआईजी, 576 एलआईजी और 1,008 ईडब्ल्यूएस फ्लैट शामिल हैं। आठ साल बीत जाने के बावजूद अधिकांश लाभार्थी अब भी अपने घरों का इंतजार कर रहे हैं। कुछ फ्लैटों का आवंटन जरूर हुआ है, लेकिन बड़ी संख्या में मकान अब भी अधूरे हैं और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं।
इस बीच, रियल एस्टेट परियोजनाओं को लेकर असंतोष पहले से ही बढ़ता जा रहा है। हाल ही में आई एमपी रेरा की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भोपाल के मुकाबले उज्जैन में रियल एस्टेट परियोजनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। 15 दिसंबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते दो वर्षों में उज्जैन में रियल्टी प्रोजेक्ट्स की संख्या दोगुनी हो गई है और वर्ष 2024-25 में उज्जैन ने भोपाल से अधिक भवन परियोजनाएं दर्ज की हैं। हालांकि, शहरीकरण के दावे पर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि रेरा रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश के 22 जिलों में 10 से भी कम रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं।
