भोपाल में बनेगा प्रदेश का पहला 10-लेन हाईवे: NHAI ने मांगे 10 लाख टन ठोस कचरा, आदमपुर लैंडफिल से होगा उपयोग; दो साल में बदलेगा पूरा ट्रैफिक नक्शा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में परिवहन ढांचा नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने शहर के पहले 10-लेन हाईवे...

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में परिवहन ढांचा नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने शहर के पहले 10-लेन हाईवे के निर्माण के लिए भोपाल नगर निगम (BMC) से 10 लाख मीट्रिक टन ठोस कचरा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। यह कचरा आदमपुर लैंडफिल से लिया जाएगा, जहां फिलहाल 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक पुराने (legacy) कचरे का ढेर मौजूद है। यह कदम राजधानी के कचरा प्रबंधन और पर्यावरण–अनुकूल निर्माण तकनीक, दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कचरे से निर्माण सामग्री: पर्यावरण हित में बड़ा प्रयोग
NHAI अधिकारियों के अनुसार, ठोस कचरे को रोडसाइड भराई (gap filling) और डिवाइडर एलाइनमेंट में उपयोग किया जाएगा। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो इससे
-
आदमपुर लैंडफिल का बड़ा हिस्सा खाली होगा,
-
शहर की कचरा समस्या कम होगी,
-
और निर्माण लागत के साथ पर्यावरणीय प्रभाव भी सकारात्मक होगा।
इसे सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
836.91 करोड़ का प्रोजेक्ट, 17 साल की जिम्मेदारी
यह 16.44 किमी लंबा आयोध्या बायपास चौड़ीकरण प्रोजेक्ट 836.91 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा।
-
राजस्थान की एक कंपनी ने 35.68% कम बोली लगाकर ठेका जीता है।
-
कंपनी न केवल सड़क का निर्माण करेगी, बल्कि अगले 15 वर्षों तक इसका संचालन और रखरखाव भी करेगी।
इस तरह परियोजना में उसकी कुल सहभागिता 17 वर्ष तक रहेगी।
प्रोजेक्ट का ढांचा: 11 फ्लायओवर, ROB और कई पुल
नए 10-लेन कॉरिडोर में शामिल होंगे—
-
11 फ्लायओवर और वायाडक्ट
-
1 रोड ओवर ब्रिज (ROB)
-
2 छोटे पुल (माइनर ब्रिज)
सड़क संरचना:
-
16.44 किमी एलीवेटेड सेक्शन
-
5.796 किमी अप्रोच रोड
-
8.616 किमी छह-लेन मुख्य सड़क
-
1.708 किमी चार-लेन मार्ग
मुख्य कैरिजवे 6 लेन का होगा, जबकि दोनों ओर 2–2 सर्विस रोड जोड़कर कुल 10 लेन तैयार होंगी।
यातायात सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट खत्म करने पर फोकस
आयोध्या बायपास फिलहाल 40,000 वाहनों की क्षमता के बावजूद 43,000 वाहनों का रोजाना भार झेल रहा है।
यह मार्ग शहर के सबसे दुर्घटना-प्रवण इलाकों में शामिल है। प्रमुख ब्लैक स्पॉट—
-
पीपुल्स मॉल क्षेत्र: 10 दुर्घटनाएँ, 4 मौतें
-
बेस्ट प्राइस जंक्शन: 5 दुर्घटनाएँ, 1 मौत
-
रत्नागिरि तिराहा: 7 दुर्घटनाएँ, 1 मौत
नया प्रोजेक्ट इन जोखिमों को कम करने, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और यात्रा समय घटाने पर केंद्रित है।
भोपाल के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट
यह विस्तार NHAI की उस व्यापक योजना का हिस्सा है जिसमें—
-
अशाराम स्क्वायर से गांधीनगर (एयरपोर्ट रोड),
-
भोपाल–जबलपुर हाईवे,
-
और इंदौर–देवास मार्ग
को भी 10-लेन तक बढ़ाने की संभावनाएँ शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से भोपाल का क्षेत्रीय और राष्ट्रीय हाईवे संपर्क काफी मजबूत होगा।
पेड़ कटाई मंजूरी अटकी, प्रोजेक्ट फिलहाल रोका गया
NHAI के भोपाल प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नुवाल ने बताया कि
“निर्माण के लिए नगर निगम से लगभग 10 लाख मीट्रिक टन ठोस कचरे की मांग की गई है, लेकिन पेड़ कटाई की अनुमति लंबित होने के कारण काम को फिलहाल रोका गया है।”
