सेवानिवृत्त डीएसपी के बेटे पर चली जांच की गोली: 10 वर्षीय रिया राजक की मौत का खुलासा, फॉरेंसिक रिपोर्ट में हथियार से हुई पुष्टि
दशहरा की रात भोपाल के कोलार इलाके में हुई 10 वर्षीय रिया राजक की मौत का रहस्य अब सुलझ गया है। सागर एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस...

दशहरा की रात भोपाल के कोलार इलाके में हुई 10 वर्षीय रिया राजक की मौत का रहस्य अब सुलझ गया है। सागर एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि रिया को लगी गोली सेवानिवृत्त डीएसपी श्यामलाल यादव की लाइसेंसी राइफल से चली थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद यादव का बेटा फरार है और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोला पूरा मामला
सागर एफएसएल की मंगलवार को आई रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि रिया के शरीर से निकली गोली और यादव की .315 बोर लाइसेंसी राइफल से चलाई गई टेस्ट बुलेट के निशान (rifling marks) एक जैसे हैं।
इससे यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो गया कि मौत का कारण बनी गोली उसी हथियार से चली थी जो यादव परिवार के पास था।
घटना 2 अक्टूबर की रात हुई थी, जब शहर में दशहरा और दुर्गा पूजा के उत्सव चल रहे थे। उसी दौरान जश्न में की गई हवाई फायरिंग ने एक मासूम की जान ले ली।
रिया खेलते-खेलते हुई हादसे की शिकार
10 वर्षीय रिया राजक, जो कक्षा 4 की छात्रा थी, दुर्गा पूजा पंडाल के पास खेल रही थी। अचानक वह जमीन पर गिर गई और उसके कंधे से खून बहने लगा। परिजन और स्थानीय लोग उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले गए, पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एक्स-रे में उसके शरीर के भीतर गोली फंसी मिली। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आसपास के इलाके से गोलियों के खोखे, हथियार और साक्ष्य इकट्ठे किए।
डीएसपी के बेटे पर हत्या का मामला दर्ज करने की तैयारी
शुरुआती जांच में मामला अज्ञात आरोपी के खिलाफ अनजाने में हुई हत्या (Section 304A) के तहत दर्ज किया गया था।
लेकिन एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद सेवानिवृत्त डीएसपी श्यामलाल यादव और उनके बेटे दोनों को आरोपी बनाया जा रहा है।
पुलिस ने यादव की राइफल और कारतूस पहले ही जब्त कर लिए थे। अब एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर FIR में उनके नाम जोड़े जा रहे हैं।
फरार है डीएसपी का बेटा, पिता अस्पताल में
पुलिस जब बुधवार को शशि हाईटेक सिटी, राजर्षि कॉलोनी (कोलार) स्थित यादव के घर पहुंची, तो घर पर ताला लटका मिला।
सूत्रों के अनुसार, सेवानिवृत्त डीएसपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और पुलिस ने बताया कि उनके डिस्चार्ज होते ही उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।
वहीं, उनका बेटा फरार है। पुलिस ने यूपी और एमपी के कई इलाकों में उसकी तलाश शुरू कर दी है।
एक किलोमीटर दूर से चली थी गोली
पुलिस की क्राइम सीन रीक्रीएशन रिपोर्ट के मुताबिक, यादव का बेटा करीब एक किलोमीटर दूर खुले मैदान में जश्न के दौरान फायरिंग कर रहा था।
इसी दौरान चली गोली हवा में ऊपर जाने के बाद रिया पर आकर गिरी, जो उसके कंधे और गर्दन के बीच से होकर कमर में फंस गई।
फॉरेंसिक टीम ने मौके से गोलियों की दिशा, दूरी और ऊंचाई का विश्लेषण किया, जिससे पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हुई।
पुलिस की सख्त चेतावनी: हवाई फायरिंग नहीं ‘जश्न’, अपराध है
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ‘सेलिब्रेटरी फायरिंग’ के नाम पर बंदूक चलाना जानलेवा अपराध है। इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या हथियार रखने की जिम्मेदारी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
भोपाल पुलिस ने सभी लाइसेंसी हथियारधारकों को चेतावनी दी है कि जश्न या धार्मिक कार्यक्रमों में फायरिंग करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
