₹1.27 लाख करोड़ की सेमीकॉन 2.0 योजना लागू, चिप उद्योग की वैल्यू चेन को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र सरकार ने ₹1.27 लाख करोड़ की 'सेमीकॉन 2.0' योजना अधिसूचित की है। इसका उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजाइन में आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे पूरी वैल्यू चेन को देश में विकसित किया जा सके।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 1 सितंबर 2026
भारत को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने ₹1.27 लाख करोड़ के कुल परिव्यय वाली 'सेमीकॉन 2.0' योजना को अधिसूचित कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर डिजाइन और निर्माण के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है, जिससे चिप उद्योग की पूरी वैल्यू चेन भारत में विकसित हो सके।
नई योजना के तहत, सेमीकंडक्टर उद्योग के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें न केवल चिप डिजाइन और निर्माण, बल्कि असेंबली, पैकेजिंग और टेस्टिंग जैसी प्रक्रियाएं भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, चिप निर्माण में उपयोग होने वाले कैपिटल इक्विपमेंट के उत्पादन से जुड़ी इकाइयों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार ने इस व्यापक योजना को छह अलग-अलग प्रमुख खंडों में विभाजित किया है, ताकि प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
रणनीतिक तकनीकों के स्वदेशी विकास पर विशेष ध्यान
सेमीकॉन 2.0 योजना का एक प्रमुख लक्ष्य राष्ट्रीय रणनीतिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए आवश्यक तकनीकों के स्वदेशी विकास को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से, सरकार देश में मजबूत, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर तकनीक विकसित करने पर जोर दे रही है। इस योजना के अंतर्गत, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए सेमीकंडक्टर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) कोर, चिप, सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) और मॉड्यूल का स्वदेशी विकास किया जाएगा। इन तकनीकों की प्राथमिकता राष्ट्रीय महत्व और रणनीतिक जरूरतों के आधार पर समय-समय पर तय की जाएगी।
कंप्यूट से लेकर सेंसर तकनीक तक का विकास
अधिसूचना के अनुसार, इस योजना के दायरे में कंप्यूटिंग, मेमोरी, रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF), पावर, नेटवर्किंग और सेंसर जैसी विभिन्न तकनीकों के लिए आवश्यक फंडामेंटल टेक्नोलॉजी कंपोनेंट्स का विकास शामिल है। इसके साथ ही, स्टैंडर्ड आईपी विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे भविष्य में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत की क्षमताएं और मजबूत हो सकें।
वर्तमान में, भारत में तीन सेमीकंडक्टर/चिप मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट सक्रिय रूप से उत्पादन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, देश के विभिन्न राज्यों में कई नई सेमीकंडक्टर परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि आगामी वर्षों में भारत की चिप निर्माण क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में भी सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विस्तार की बात कही थी, जिसमें अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने की उम्मीद जताई गई थी। सेमीकॉन 2.0 को इसी व्यापक राष्ट्रीय रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जा रहा है।
