कॉलर रोड पर दो परिवारों में जमकर विवाद: पुराने झगड़े ने लिया हिंसक रूप, पुलिस दोनों पक्षों की जांच में जुटी
भोपाल के कॉलर रोड इलाके में बुधवार देर रात दो परिवारों के बीच पुराने विवाद को लेकर तनाव फिर बढ़ गया। देखते ही देखते कहासुनी...

भोपाल के कॉलर रोड इलाके में बुधवार देर रात दो परिवारों के बीच पुराने विवाद को लेकर तनाव फिर बढ़ गया। देखते ही देखते कहासुनी पथराव और संपत्ति नुकसान तक पहुंच गई। पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों और वायरल वीडियो की मदद से घटनाक्रम की वस्तुनिष्ठ जांच कर रही है।
पृष्ठभूमि: क्यों बढ़ रहा है तनाव?
कॉलर क्षेत्र में रहने वाले दो परिवारों के बीच पिछले कई महीनों से विवाद की स्थितियाँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों पक्ष पहले भी कई बार एक-दूसरे पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्थानीय विवाद अक्सर छोटी घटनाओं से शुरू होते हैं, लेकिन लंबे समय तक अनसुलझे रहने पर हिंसा का रूप ले लेते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है।
ताजा घटना: पथराव, कार तोड़फोड़ और क्रॉस-कंप्लेंट
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात यह विवाद उस समय भड़क गया जब विकास तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने पड़ोसी महिला सवित्री चौहान पर बड़े पत्थर फेंके। इसके जवाब में महिला और उनके बेटे गुरप्रीत ने तिवारी की कार में तोड़फोड़ की।
कॉलर थाना प्रभारी ने बताया कि घटनास्थल से मिले वीडियो तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान मामले की पुष्टि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
1 दिसंबर को भी तिवारी के खिलाफ महिला पर पथराव का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस का कहना है कि तिवारी पर अतीत में भी मारपीट और अशांति फैलाने के कई मामले दर्ज हैं।
दोनों पक्षों के आरोप–प्रत्यारोप
तिवारी ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका दावा है कि पहले उन पर हमला किया गया और उन्होंने केवल आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भी पुलिस में एक प्रतिवाद दर्ज कराया है।
दूसरी ओर, महिला पक्ष का कहना है कि लगातार होने वाली धमकियों और मारपीट की वजह से वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की दिशा
अधिकारियों के अनुसार, पूरा मामला संवेदनशील है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वीडियो फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों की लिखित शिकायतों का परीक्षण किया जा रहा है।
स्थानीय पुलिस ने कहा कि “तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार होने वाले ऐसे विवादों में पुलिस को स्थानीय समुदाय की मध्यस्थता और काउंसलिंग की सहायता लेनी चाहिए ताकि तनाव स्थायी रूप से खत्म किया जा सके।
घटना का व्यापक प्रभाव
ऐसे विवाद न केवल स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा भावना को प्रभावित करते हैं, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को भी चुनौती देते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि देर रात हुई इस घटना से आसपास के घरों में डर का माहौल बन गया।
