भोपाल साइबर क्राइम अलर्ट: फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से बढ़ी ठगी, पुलिस ने जारी की महत्वपूर्ण सलाह
भोपाल में साइबर अपराधियों द्वारा लोगों के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं।...

भोपाल में साइबर अपराधियों द्वारा लोगों के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। इन फर्जी प्रोफाइल से उनके दोस्तों और रिश्तेदारों को “तत्काल पैसे की जरूरत” बताकर संदेश भेजे जा रहे हैं। कई लोग बिना पुष्टि किए पैसे भेज देते हैं और बाद में पता चलता है कि वे ठगी का शिकार हो गए हैं।
🔸 कोलार और ऐशबाग के दो मामले — पहचान चोरी कर ठगी
कोलार का मामला:
एक युवक ने पाया कि उसके नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर उसके परिचितों से ऑनलाइन ट्रांसफर के लिए पैसे मांगे जा रहे थे। शिकायत पर साइबर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी दूसरे राज्य से उसकी पहचान का दुरुपयोग कर रहे थे।
ऐशबाग का मामला:
एक महिला की तस्वीरों और जानकारी का इस्तेमाल कर पूरी तरह फर्जी अकाउंट तैयार किया गया। आरोपियों ने उसके नाम से आपत्तिजनक मैसेज भेजे और पैसों की मांग की। महिला ने तुरंत स्क्रीनशॉट लेकर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
🔐 भोपाल साइबर क्राइम पुलिस की एडवाइजरी
साइबर पुलिस ने बताया कि थोड़ी सी सतर्कता से ऐसे फेक अकाउंट की पहचान कर उसे तुरंत ब्लॉक कराया जा सकता है।
🔸 फर्जी ID बने तो क्या करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
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फेक प्रोफाइल खोलें और ऊपर दिए गए थ्री डॉट्स पर क्लिक करें।
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Find Support or Report Profile चुनें।
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यदि प्रोफाइल आपकी या आपके किसी परिचित की नकल कर रहा है तो Pretending to be someone विकल्प चुनें।
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बताएं कि यह आपकी फेक ID है या आपके जानने वाले की।
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रिपोर्ट सबमिट करें।
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सबूत के तौर पर स्क्रीनशॉट, चैट और प्रोफाइल लिंक (URL) सुरक्षित रखें।
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इसके बाद साइबर सेल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करें।
❗ जरूरी चेतावनी
साइबर पुलिस का कहना है—
👉 कभी भी सिर्फ ऑनलाइन मैसेज देखकर पैसे ट्रांसफर न करें।
👉 हमेशा फोन करके व्यक्ति से सीधे पुष्टि करें।
इससे अधिकांश आर्थिक ठगी रोकी जा सकती है।
