BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

भोपाल में जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप: युवक ने प्रेमिका के परिजनों पर दबाव, प्रताड़ना और फर्जी केस में फँसाने का दावा किया

मामला क्या है? भोपाल में रविवार को एक कथित जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। शुबम गोस्वामी नाम के युवक ने आरोप लगाया...

Dec 1
3 मिनट में पढ़ें
भोपाल में जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप: युवक ने प्रेमिका के परिजनों पर दबाव, प्रताड़ना और फर्जी केस में फँसाने का दावा किया

मामला क्या है?

भोपाल में रविवार को एक कथित जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। शुबम गोस्वामी नाम के युवक ने आरोप लगाया कि उसकी प्रेमिका के परिवार ने उसके साथ बदसलूकी की, बीफ खाने के लिए मजबूर किया और उसे इस्लाम अपनाने का दबाव बनाते हुए पाँच वक्त नमाज़ अदा करने को कहा।

युवक ने बताया कि वह 2022 में एक युवती से मिला था। दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हुए, लेकिन जब युवती के परिवार को इस रिश्ते के बारे में पता चला, तो उन्होंने शुबम पर धर्म बदलने का दबाव डालना शुरू किया।


“नाम बदलने और धार्मिक रीति-रिवाज़ थोपने” का आरोप

शुबम ने आरोप लगाया:

  • उसे 2023 में मजबूर किया गया कि वह अपना नाम अमन खान रखे।

  • परिवार ने उसे बार-बार सामूहिक नमाज़ में शामिल होने के लिए कहा।

  • कथित तौर पर उसे बीफ खाने के लिए बाध्य किया गया, जो उसके धार्मिक विश्वासों के विरुद्ध है।

ये आरोप भारतीय कानून के तहत जबरन धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम की गंभीर श्रेणी में आते हैं।


“झूठे केस में फँसाकर जेल भेजा गया”—युवक का दावा

शुबम के अनुसार, जब उसने परिवार के दबाव का विरोध किया, तो उन लोगों ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ का झूठा मामला दर्ज करा दिया।
इस केस के चलते वह पाँच महीने जेल में रहा
जेल से बाहर आने के बाद उसने पुलिस में शिकायत की, लेकिन उसे अपने मामले की प्रगति पर संतोष नहीं हुआ।


मंत्री विश्वास सारंग तक पहुँचा मामला

शुबम ने अपनी शिकायत लेकर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग की जनसभा में पहुँचकर पूरी घटना बताई।
मंत्री ने तुरंत मामले में हस्तक्षेप किया और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद पुलिस ने मुस्लिम परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। अधिकारी मामले की जाँच कर रहे हैं।


“युवक की इच्छा के अनुसार मूल धर्म में वापसी कराई जाएगी”

विश्वास सारंग ने कहा कि यदि शुबम अपने मूल धर्म में वापस आना चाहता है, तो उसके “धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पुनः संस्कार” कराए जाएंगे।
यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह राज्य में धर्म परिवर्तन के मुद्दे को नया आयाम दे सकता है।


मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

  • मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कानून पहले से ही लागू है और ऐसे मामलों पर सरकार सख्त रुख दिखाती रही है।

  • यह मामला सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक स्तर पर तनाव पैदा कर सकता है।

  • यदि आरोप सही साबित हुए, तो यह राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर कानून व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र की चुनौतियों को फिर उजागर करेगा।