मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे एचआईवी-एड्स के मामले: इंदौर, जबलपुर और भोपाल सबसे प्रभावित जिलों में शामिल
इंदौर, जबलपुर और भोपाल सबसे अधिक प्रभावित राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) की ताज़ा रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के तीन बड़े शहर—इंदौर, जबलपुर और भोपाल—को...

इंदौर, जबलपुर और भोपाल सबसे अधिक प्रभावित
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) की ताज़ा रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के तीन बड़े शहर—इंदौर, जबलपुर और भोपाल—को एचआईवी-एड्स संक्रमण के सबसे अधिक मामलों वाले जिलों में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों में उच्च जोखिम समूहों की बड़ी आबादी मौजूद है, जिसके चलते संक्रमण दर पिछले वर्षों की तुलना में तेज़ी से बढ़ी है।
किन जिलों में है हाई-रिस्क आबादी?
रिपोर्ट में देवास, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और बुरहानपुर को भी उच्च जोखिम वाले जिलों की श्रेणी में शामिल किया गया है।
हाई-रिस्क आबादी में 25–34 वर्ष आयु समूह के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं, जो राज्य में संक्रमण फैलने के प्रमुख कारक माने जा रहे हैं।
प्रदेश में 3.2 लाख लोग एचआईवी के साथ जी रहे
NACO के अनुसार:
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54,000 लोग एड्स के उच्च जोखिम समूह में हैं।
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15–49 वर्ष आयु वर्ग में एचआईवी प्रसार दर 0.43% है।
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3.2 लाख लोग वर्तमान में एचआईवी के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसायटी ने बताया कि 2021 में प्रसार दर 0.08% थी, जो 2023 में बढ़कर 0.43% हो गई—यह वृद्धि स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंतित कर रही है।
छह महीनों में 4,000 नए मामले
जुलाई से दिसंबर 2024 के बीच प्रदेश में 4,000 से अधिक नए एचआईवी संक्रमण सामने आए, जिनमें अधिकांश मामले मालवा-निमाड़ क्षेत्रों से हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रुझान संकेत देता है कि निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
यौन संबंधों के माध्यम से संक्रमण सबसे अधिक
राज्य में एचआईवी संक्रमण के 87% मामले असुरक्षित यौन संबंधों से दर्ज किए गए हैं।
25–34 वर्ष आयु समूह में संक्रमण की संख्या सबसे अधिक होने से युवा आबादी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
सेक्स वर्कर्स और समलैंगिक आबादी के आंकड़े
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मध्य प्रदेश में 53,455 महिला सेक्स वर्कर (FSW) और 18,085 पुरुष सेक्स वर्कर (MSW) पंजीकृत हैं।
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इंदौर में महिला सेक्स वर्करों की संख्या सबसे अधिक है।
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समलैंगिक (एमएसएम) मामलों में
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इंदौर पहले,
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ग्वालियर दूसरे,
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जबलपुर तीसरे,
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भोपाल चौथे स्थान पर है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि इन समूहों तक सुरक्षित यौन व्यवहार और नियमित परीक्षण की पहुंच बढ़ाना संक्रमण रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इंजेक्टिंग ड्रग यूज़र्स (IDU) भी बढ़ी चिंता
राज्य में 8,000 लोग इंजेक्टिंग ड्रग यूज़र श्रेणी में आते हैं।
जिलावार आंकड़े:
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जबलपुर — 1303
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भोपाल — 1223
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रीवा — 1089
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि साझा सुई के उपयोग और नशे की आदतों के चलते यह समूह तेजी से संक्रमण की चपेट में आता है, इसलिए इनके लिए हानि-न्यूनिकरण कार्यक्रम (Harm Reduction) को मजबूत करना आवश्यक है।
क्यों खतरे की घंटी है यह रिपोर्ट?
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एचआईवी प्रसार दर में लगातार बढ़ोतरी
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युवाओं में संक्रमण का उच्च स्तर
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असुरक्षित यौन व्यवहार और नशे के मामलों में वृद्धि
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निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों में कमी
विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि तत्काल रोकथाम रणनीतियां मजबूत नहीं की गईं, तो आने वाले वर्षों में संक्रमण का दायरा और बढ़ सकता है।
