भोपाल में लापरवाही पर सख़्त हुई कमिश्नर संस्कृति जैन: नियम विरुद्ध पेड़ कटाई पर जेल तक की चेतावनी
भोपाल नगर निगम (BMC) कमिश्नर संस्कृति जैन ने शहर में चल रहे विकास कार्यों में लापरवाही और अवैध पेड़ कटाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए...

भोपाल नगर निगम (BMC) कमिश्नर संस्कृति जैन ने शहर में चल रहे विकास कार्यों में लापरवाही और अवैध पेड़ कटाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि अब किसी भी स्तर की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुरुवार को आईएसबीटी स्थित निगम कार्यालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना अनुमति पेड़ काटने पर कठोर दंड, जिसमें जेल भी शामिल हो सकती है, दिया जाएगा।
पेड़ कटाई पर जीरो टॉलरेंस नीति
बैठक में कमिश्नर ने अवैध पेड़ कटाई के बढ़ते मामलों पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि पेड़ सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि शहर की वायु गुणवत्ता और पर्यावरण संतुलन के लिए अनिवार्य हैं।
उन्होंने आदेश दिया कि—
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बिना अनुमति पेड़ काटने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए,
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दोषियों को कठोर सज़ा, जिसमें कारावास भी शामिल है, सुनिश्चित किया जाए,
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और फील्ड स्टाफ सतर्कता बरते तथा किसी भी घटना की तत्काल रिपोर्ट दे।
यह निर्णय हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद आया है, जिसके तहत पेड़ों से जुड़े सभी अनुमति अधिकार अब सीधे BMC कमिश्नर के पास होंगे।
खराब सड़क निर्माण पर बड़ी कार्रवाई
कोलार स्थित सीएम इन्फ्रार प्रोजेक्ट के तहत बनी सीसी रोड पर गड्ढों और टूट-फूट की तस्वीरें सामने आने पर कमिश्नर ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कदम उठाए।
तुरंत निलंबन
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ज़ोन-18 के सहायक यंत्री (मैकेनिकल)
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और उप–यंत्री (मैकेनिकल)
को उनके “असंतोषजनक जवाब और खराब गुणवत्ता” वाले कार्य के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
शो-कॉज नोटिस
कार्यपालन यंत्री एस.के. राजेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
गुणवत्ता की जांच के आदेश
कमिश्नर ने अधीक्षण यंत्री को निर्देश दिया कि:
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सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए कोर-कटिंग टेस्ट कराया जाए।
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जून 2025 में बनी सड़क पर तेजी से हुए नुकसान की जवाबदेही तय की जाए।
मैकेनिकल विभाग की कार्यशैली पर नाराज़गी
कमिश्नर जैन ने मैकेनिकल विभाग के कार्यप्रदर्शन को “असंतोषजनक” बताते हुए नवंबर माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया। यह पहली बार है जब निगम ने विभागीय सुधार सुनिश्चित करने के लिए वेतन रोके जाने जैसी सख्त कार्रवाई की है।
हाई कोर्ट के निर्देश पर बदला अधिकार ढांचा
हाई कोर्ट के आदेशों के अनुरूप, कमिश्नर ने अतिरिक्त आयुक्तों को दी गई पेड़ अधिकारी की शक्तियाँ वापस ले ली हैं। अब—
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पेड़ काटने,
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छंटाई (प्रूनिंग)
संबंधी अनुमति केवल BMC कमिश्नर ही जारी करेंगी।
यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने और पर्यावरण संबंधी नियमों के प्रभावी पालन के उद्देश्य से की गई है।
इस खबर का व्यापक महत्व
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शहरी प्रशासन में जवाबदेही: सख्त कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि गुणवत्ता से समझौता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं।
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पर्यावरण संरक्षण: अवैध पेड़ कटाई पर रोक शहर की गिरती वायु गुणवत्ता रोकने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
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सार्वजनिक हित: बेहतर सड़कें, अधिक पारदर्शी अनुमति प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारी—सब नागरिक हित में सुधार की दिशा हैं।
