मध्य प्रदेश सरकार दिवाली तक समान नागरिक संहिता लागू करेगी: मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार उत्तराखंड और गुजरात की तरह दिवाली तक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की योजना बना रही है।

- क्या हुआ: मध्य प्रदेश सरकार दिवाली तक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की योजना बना रही है, जो उत्तराखंड और गुजरात में उठाए गए कदमों के समान है।
- क्यों महत्वपूर्ण: यूसीसी 'एक राष्ट्र, एक कानून' के भाजपा के लंबे समय से चले आ रहे एजेंडे के साथ मेल खाता है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और लैंगिक समानता है।
- क्या बदलाव: यूसीसी सभी नागरिकों के लिए कानूनों का एक ही सेट स्थापित करना चाहता है, जो संभावित रूप से विवाह, तलाक, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप को प्रभावित कर सकता है।
- कौन प्रभावित: मध्य प्रदेश के सभी नागरिक, विशेष रूप से पारिवारिक मामलों और विरासत से संबंधित व्यक्तिगत कानून प्रभावित हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता के लिए तैयार
मध्य प्रदेश सरकार दिवाली तक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने के लिए जोर दे रही है, जो भाजपा के मूल वैचारिक लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गृह विभाग को छह महीने के भीतर एक मसौदा विधेयक तैयार करने का निर्देश दिया है। यह उत्तराखंड और गुजरात में समान यूसीसी कार्यान्वयन का अनुसरण करता है।
कानून का मसौदा तैयार करना
गृह विभाग अपने मसौदे को सूचित करने के लिए उत्तराखंड और गुजरात में पहले से ही अधिनियमित यूसीसी कानूनों का अध्ययन करेगा। एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। समिति में मसौदा प्रक्रिया की देखरेख के लिए कानूनी विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी और सामुदायिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा:
"देश में हर नागरिक के लिए कानूनों का एक ही सेट होना आवश्यक है। हर व्यक्ति को समान अधिकार होने चाहिए। यूसीसी के साथ, देश की एकता, अखंडता और एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा।"
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सावधानी बरतने का आग्रह किया:
"कानून बनाने से पहले सरकार को सभी से सलाह लेनी चाहिए और विश्वास में लेना चाहिए।"
अन्य राज्यों में यूसीसी मॉडल
उत्तराखंड 2025 में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बन गया। मुख्य प्रावधानों में शामिल हैं:
- विवाह, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण।
- गैर-अनुपालन के लिए दंड।
गुजरात ने मार्च 2026 में यूसीसी के साथ अनुसरण किया जिसमें शामिल हैं:
- बेटों और बेटियों के लिए समान विरासत अधिकार।
- लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण।
- बहुविवाह का अपराधीकरण (अनुसूचित जनजातियों के लिए कुछ छूट के साथ)।
भाजपा का विजन
भाजपा ने लगातार यूसीसी को अपने "एक राष्ट्र, एक कानून" दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में बढ़ावा दिया है। पार्टी यूसीसी को राष्ट्रीय एकता और लैंगिक समानता से जोड़ती है। यूसीसी का उद्देश्य धर्म की परवाह किए बिना सभी नागरिकों पर लागू होने वाला एक एकीकृत कानूनी ढांचा बनाना है।
आगे क्या देखना है
मध्य प्रदेश में राज्य स्तरीय समिति का गठन और मसौदा विधेयक की तैयारी की प्रगति महत्वपूर्ण होगी। राज्य के यूसीसी कार्यान्वयन की ओर बढ़ने के साथ ही सार्वजनिक परामर्श और किसी भी संभावित कानूनी चुनौतियों पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम होंगे।
