भोपाल में सड़क अपराध अनियंत्रित? मिसरोद कैफ़े हमले के बाद शाहजहाँाबाद और बागसेवनिया में दो नई लूट की घटनाएँ
भोपाल | शहर में सड़क अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ता दिख रहा है। मिसरोद कैफ़े पर हुए हमले की वायरल वीडियो क्लिप्स ने जिस...
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भोपाल | शहर में सड़क अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ता दिख रहा है। मिसरोद कैफ़े पर हुए हमले की वायरल वीडियो क्लिप्स ने जिस तरह सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे, अब ठीक उसी पृष्ठभूमि में शाहजहाँाबाद और बागसेवनिया में दो नई लूट की वारदातों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस के रिकॉर्ड बताते हैं कि नवंबर के सिर्फ 20 दिनों में शहर में 10 लूट या स्नैचिंग की घटनाएँ दर्ज की जा चुकी हैं—वह भी ऐसे समय में जब कई इलाकों को ‘संवेदनशील’ श्रेणी में रखकर अतिरिक्त गश्त की बात कही जाती है।
शाहजहाँाबाद में डिलीवरी बॉय को चाकू दिखाकर लूटा गया
शाहजहाँाबाद थाना क्षेत्र की घटना गुरुवार देर रात की है। शिकायतकर्ता मो. फैजान (19) अपने दोस्त आबिद के साथ बिरयानी लेकर भोपाल रेलवे स्टेशन पहुँचे थे, जहाँ उन्हें रेल से गुजर रहे एक परिचित को खाना देना था।
दोनों जब स्टेशन से लौट रहे थे, तभी दो स्कूटरों पर सवार चार युवकों ने उन्हें नदरा बस स्टैंड से पीछा करना शुरू कर दिया। फैजान के अनुसार, पीछा कर रहे युवकों ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने बाइक नहीं रोकी। आरोपियों ने उन्हें भोपाल टॉकिज़ के पास मेट्रो निर्माण स्थल के निकट घेर लिया।
जैसे ही फैजान रुके, बदमाशों ने उन पर चाकू तानकर मारपीट शुरू कर दी और उनकी स्कूटर व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
चोरी हुई स्कूटर और मोबाइल की कुल कीमत 1 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बागसेवनिया में बैंक कर्मचारी की चैन उड़ा ले गया नकाबपोश
दूसरी घटना बुधवार रात बागसेवनिया थाना क्षेत्र में घटित हुई।
वरुण जैन (39), जो सकेत नगर के निवासी और एक निजी बैंक में कार्यरत हैं, काम से लौटते समय रात करीब 9 बजे सब्ज़ी लेने एक सड़क किनारे ठेले पर रुके थे।
सब्ज़ी लेने के बाद जब वे क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान करने झुके, तभी एक नकाबपोश युवक उनकी सोने की चेेन झटककर भाग निकला। आसपास मौजूद लोगों ने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, पर अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
लगातार बढ़ते अपराध और शहर की सुरक्षा को लेकर सवाल
बीते तीन सप्ताह में सामने आए 10 मामलों ने न सिर्फ पुलिस निगरानी पर सवाल उठाए हैं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में भी आपराधिक गिरोहों की सक्रियता को उजागर किया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि:
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रात में गश्त बढ़ाने की आवश्यकता,
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हॉटस्पॉट क्षेत्रों में तकनीकी निगरानी,
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और युवाओं में बढ़ते संगठित स्ट्रीट क्राइम पर विशेष अभियान—
अब शहर के लिए जरूरी हो गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि दोनों मामलों में टीमें गठित कर दी गई हैं और सीसीटीवी, सर्विलांस तथा मुखबिरों की मदद से आरोपियों को जल्द पकड़ने का प्रयास जारी है।
