टीकमगढ़ में अतिक्रमण हटाने के विरोध में उमा भारती ने बेचे पोहे
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने टीकमगढ़ में सड़क किनारे ठेले पर पोहे और जलेबी बेचकर अतिक्रमण विरोधी अभियान का विरोध किया।

मुख्य बातें
- क्या हुआ: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने टीकमगढ़ में सड़क किनारे एक ठेले पर पोहे और जलेबी बेचे।
- क्यों महत्वपूर्ण: यह कदम अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान सड़क विक्रेताओं को हटाने के विरोध में था, जो आजीविका के बारे में चिंताओं को उजागर करता है।
- क्या बदलाव: भारती ने अभियान पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, विक्रेताओं को उनके मूल स्थानों पर वापस लाने की वकालत की।
- कौन प्रभावित: मुख्य रूप से, टीकमगढ़ के सड़क विक्रेता और उनके परिवार जो अपनी सड़क किनारे व्यवसायों से आय पर निर्भर हैं।
भारती का पोहा विरोध
भाजपा की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का टीकमगढ़ में पोहे और जलेबी बेचते हुए एक वीडियो वायरल हो गया है। उन्होंने कहा कि उनकी यह कार्रवाई टीकमगढ़ नगर पालिका द्वारा हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के विरोध में है। इस अभियान में सिविल लाइंस रोड के किनारे से सड़क विक्रेताओं को हटा दिया गया था।
अतिक्रमण विरोधी अभियान से आक्रोश
सिविल लाइंस रोड पर नगर पालिका के विध्वंस अभियान में अधिकारियों द्वारा ठेलों और खोखों को हटा दिया गया। एसडीएम और तहसीलदार सहित अधिकारियों ने कार्रवाई का कारण अतिक्रमण बताया। इन विक्रेताओं को हटाने से उन लोगों में चिंता फैल गई जो अपनी दैनिक आजीविका के लिए इन ठेलों पर निर्भर हैं।
भारती ने संभाला मोर्चा
उमा भारती मंगलवार को प्रतीकात्मक रूप से विक्रेताओं का समर्थन करने के लिए सड़कों पर उतरीं। वे एक ठेले से पोहे और जलेबी बेचकर प्रशासन की कार्रवाई को सीधे चुनौती देते हुए उनके साथ शामिल हो गईं। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को “तानाशाही” बताया।
छोटे व्यापारी अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और ऐसे अभियान सीधे उनके अस्तित्व को प्रभावित करते हैं।
मांगें और चेतावनी
भारती ने अधिकारियों से इस कार्रवाई पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि यह अनुचित तरीके से गरीबों को निशाना बनाता है। उन्होंने अधिकारियों से हटाई गई ठेलों को बहाल करने और विक्रेताओं को अपने सामान्य स्थानों पर कमाई जारी रखने की अनुमति देने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसी कार्रवाइयां दोहराई गईं तो वह अपना विरोध तेज करेंगी।
नेतृत्व के साथ उठाया मुद्दा
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सहित राज्य नेतृत्व से भी बात की। उनका लक्ष्य प्रभावित विक्रेताओं के लिए राहत मांगना है।
आगे क्या देखें
अब ध्यान इस बात पर होगा कि क्या टीकमगढ़ नगर पालिका उमा भारती की मांगों का जवाब देती है और क्या राज्य सरकार प्रभावित विक्रेताओं को राहत प्रदान करने के लिए हस्तक्षेप करती है। यदि स्थिति अपरिवर्तित रहती है तो भारती से और विरोध प्रदर्शन की भी उम्मीद की जा सकती है।
