अमेरिका ने दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत कैरेबियन में क्यों तैनात किया?
अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford को अपनी नौसेना स्ट्राइक फ़ोर्स के साथ कैरेबियन सागर में तैनात कर दिया है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड...

अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford को अपनी नौसेना स्ट्राइक फ़ोर्स के साथ कैरेबियन सागर में तैनात कर दिया है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर उठाया गया और इससे क्षेत्र में भारी तनाव बढ़ गया है—खासकर वेनेज़ुएला के साथ।
तैनाती की वजह
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अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई ड्रग्स तस्करी रोकने के लिए है।
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हाल के हफ्तों में अमेरिका ने कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत में 19 से ज़्यादा हमले किए, जिनमें 76 लोगों की मौत हुई है।
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अमेरिका अभी तक यह साबित नहीं कर पाया है कि नष्ट की गई नावें सच में तस्करी में शामिल थीं।
वेनेज़ुएला का आरोप
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राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका पर “संकट पैदा करने” और उनकी सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
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कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो भी नाराज़ हैं और उन्होंने अमेरिकी एजेंसियों को ख़ुफ़िया जानकारी देना रोक दिया है।
अमेरिकी नौसेना की स्थिति
इस तैनाती में शामिल हैं—
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USS Gerald R. Ford (4,000+ नौसैनिक, दर्जनों फाइटर जेट)
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मिसाइल डेस्ट्रॉयर जहाज़
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परमाणु-संचालित पनडुब्बी
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प्यूर्टो रिको में तैनात फ़ाइटर जेट
यह पिछले कई दशकों में लैटिन अमेरिका में सबसे बड़ी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है।
तनाव क्यों बढ़ रहा है?
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अमेरिका लगातार “ड्रग्स से जुड़ी नौकाओं” पर हमले कर रहा है, लेकिन सबूत नहीं दे रहा।
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वेनेज़ुएला और अमेरिका के बीच पहले से राजनीतिक तनाव है।
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ट्रंप पहले भी वेनेज़ुएला सरकार के खिलाफ तीखे बयान दे चुके हैं।
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कुछ विशेषज्ञों ने अमेरिका की कार्रवाई को मानवाधिकार उल्लंघन भी बताया है।
US की चेतावनी
ट्रंप ने कहा:
“हर नष्ट की गई नाव 25,000 लोगों की जान बचाती है।”
और जब पूछा गया कि क्या अमेरिका वेनेज़ुएला पर जमीनी हमला करेगा, तो ट्रंप ने इनकार नहीं किया।
