ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने पकड़ी नकली पुलिस गैंग
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने चार युवकों के ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो नकली पुलिस बनकर हाईवे पर राहगीरों से वसूली करता था। पुलिस...

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने चार युवकों के ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो नकली पुलिस बनकर हाईवे पर राहगीरों से वसूली करता था। पुलिस के अनुसार, गैंग का सरगना खुद को ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) बताता था, जबकि बाकी तीन युवक कांस्टेबल और ड्राइवर बनकर उसके साथ घूमते थे। गिरोह के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड, पुलिस वर्दी और लाल बत्ती व सायरन लगी स्कॉर्पियो गाड़ी जब्त की गई है।
पूरा मामला तब सामने आया जब ऑनलाइन शॉप ऑपरेटर वैभव पाल ने शिकायत की कि शिवम चतुर्वेदी नामक युवक खुद को एसपी ऑफिस का टीआई बताकर उसे धमका रहा है। शिवम ने पहले फर्जी नियुक्ति पत्र बनवाए थे और बुधवार को तीन और पत्रों की माँग की। शक होने पर वैभव पाल ने इनकार किया और पुलिस को सूचना दी।
क्राइम ब्रांच ने योजना बनाकर जाल बिछाया और जैसे ही गैंग फर्जी पत्र लेने पहुँचा, उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान शिवम चतुर्वेदी (गैंग लीडर, सागर निवासी), पवन यादव और नीरज यादव (नकली कांस्टेबल), तथा रविंद्र यादव (ड्राइवर) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि शिवम के खिलाफ पहले से ही कई चोरी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। वह बेरोजगार युवकों को नकली पुलिस नौकरी का लालच देकर गिरोह में शामिल करता था।
