मॉडल खुशबू की मौत पर सनसनी: प्रेमी कासिम पर जबरन धर्मांतरण और मारपीट का मामला दर्ज, पोस्टमार्टम में गर्भवती होने का खुलासा
⚖️ धर्मांतरण और हमले के आरोप में केस दर्ज भोपाल के खजूरी थाना पुलिस ने मंगलवार को मॉडल खुशबू (27) की मौत के मामले में...
⚖️ धर्मांतरण और हमले के आरोप में केस दर्ज
भोपाल के खजूरी थाना पुलिस ने मंगलवार को मॉडल खुशबू (27) की मौत के मामले में उसके प्रेमी कासिम के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया है।
खुशबू की सोमवार को मौत हो गई थी, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया कि वह गर्भवती थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी मौत फैलोपियन ट्यूब फटने से हुई आंतरिक रक्तस्राव (internal bleeding) के कारण हुई — जो गर्भावस्था से जुड़ी एक चिकित्सीय जटिलता है।
🕵️ परिजनों का आरोप: पहचान छिपाकर किया छल, धर्म बदलने का दबाव
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई खुशबू की मां और बहन के बयान के आधार पर की गई है। परिजनों का आरोप है कि कासिम ने शुरुआत में अपनी पहचान राहुल के नाम से छिपाई, और बाद में खुशबू पर इस्लाम अपनाने का दबाव डाला।
उन्होंने बताया कि कासिम ने कहा था — “वह तभी शादी करेगा जब खुशबू धर्म परिवर्तन कर लेगी।”
इन आरोपों के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चूंकि खुशबू और कासिम भानपुर इलाके में रहते थे, इसलिए यह मामला छोला मंदिर थाना को स्थानांतरित किया जाएगा।
🧬 पोस्टमार्टम रिपोर्ट: बाहरी चोट के कोई निशान नहीं
पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम में किसी बाहरी चोट या हिंसा के संकेत नहीं मिले हैं। सटीक चिकित्सा कारण की पुष्टि के लिए विसरा जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर स्पष्टता मिलेगी।
🗣️ कासिम का बयान: “हम लिव-इन में थे, खुशबू मेरा बच्चा लिए थी”
आरोपी कासिम, जो इस समय पुलिस हिरासत में है, ने सभी आरोपों से इन्कार किया है। उसने दावा किया कि वह और खुशबू लगभग 18 महीने से लिव-इन रिलेशनशिप में थे, और खुशबू उसके बच्चे की मां बनने वाली थी।
कासिम ने बताया कि दोनों की मुलाकात दो साल पहले एक लाउंज में हुई थी, जिसके बाद वे साथ रहने लगे।
👮 पुलिस का बयान: जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी आगे की कार्रवाई
डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि,
“पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कोई बाहरी चोट नहीं पाई गई है। मामले की विस्तृत जांच चल रही है और विसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
📊 पृष्ठभूमि: धार्मिक स्वतंत्रता कानून पर बढ़ती संवेदनशीलता
मध्य प्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत जबरन या धोखे से धर्मांतरण को दंडनीय अपराध माना गया है। राज्य में हाल के वर्षों में ऐसे कई मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है।
यह मामला भी लव रिलेशनशिप, पहचान छिपाने और धर्म परिवर्तन के विवाद को लेकर सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।
