ईंटखेड़ी पुलिस ने पकड़ा गोवंश तस्करी का गिरोह, आठ पशु सुरक्षित बचाए — तीन आरोपी गिरफ्तार
भोपाल के ईंटखेड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने मंगलवार तड़के एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को गोवंश तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया।...

भोपाल के ईंटखेड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने मंगलवार तड़के एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को गोवंश तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक पिकअप वाहन से आठ मवेशी, जिनमें सात बछड़े शामिल थे, को सुरक्षित छुड़ाया। सभी पशुओं को पास के एक गौशाला में भेज दिया गया है।
📍 सूचना पर बनी रणनीति
ईंटखेड़ी थाना प्रभारी (SHO) आशीष सप्रे ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि तरावली–करदई मार्ग से एक पिकअप वाहन में अवैध रूप से गोवंश परिवहन किया जा रहा है। यह वाहन एक SUV के साथ एस्कॉर्ट किया जा रहा था, जो आगे चलकर रास्ता साफ कर रही थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी ने तत्काल एक विशेष टीम गठित की और खेहरा देव गांव के पास नाकाबंदी की व्यवस्था की।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी सहयोग दिखाते हुए सड़क पर ट्रैक्टर खड़ा कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। सुबह करीब 5:30 बजे, जब दोनों वाहन वहां पहुंचे, तो पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर उन्हें रोक लिया।
🐄 पशुओं को बांधकर ले जाया जा रहा था
जांच के दौरान पिकअप से तिरपाल हटाने पर पुलिस को आठ गोवंश कसकर बंधे हुए मिले। इनमें से अधिकांश बछड़े थे, जिन्हें बेरहमी से रस्सियों में जकड़कर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को भागने की कोशिश करते हुए दबोच लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे इन पशुओं को वध के लिए परिवहन कर रहे थे।
⚖️ कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि तस्करी के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने SUV और पिकअप दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है।
🌾 स्थानीय सहयोग और संवेदनशीलता का उदाहरण
इस कार्रवाई में ग्रामीणों का सहयोग पुलिस के लिए अहम साबित हुआ। ग्रामीणों ने न केवल नाकाबंदी में मदद की, बल्कि पशुओं को निकालने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी योगदान दिया। यह घटना दिखाती है कि स्थानीय सतर्कता और पुलिस-जन सहयोग से ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
🗣️ अधिकारियों का बयान
SHO आशीष सप्रे ने कहा, “ग्रामीणों की तत्परता और सूचना के कारण समय पर कार्रवाई संभव हो सकी। सभी पशु अब सुरक्षित हैं, और हम तस्करी के इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।”
📚 पृष्ठभूमि: मध्य प्रदेश में बढ़ती गोवंश तस्करी पर सख्ती
मध्य प्रदेश में गोवंश तस्करी और अवैध वध के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पिछले कुछ महीनों में भोपाल, सीहोर, और रायसेन जिलों में कई ऐसे गिरोह पकड़े जा चुके हैं।
राज्य सरकार ने हाल ही में अंतर-राज्यीय गोवंश परिवहन पर निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील मार्गों पर विशेष पेट्रोलिंग टीम तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं।
