महाराष्ट्र सरकार पर दबाव: मंत्री का वीडियो और ढोंगी बाबा काण्ड से महायुति सरकार में खलबली
मंत्री नरहरि झिरवाल का कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने और अशोक खरात के खिलाफ नए मामले दर्ज होने से महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर दबाव...

मुख्य बातें: मंत्री नरहरि झिरवाल का कथित तौर पर एक ट्रांसजेंडर के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो गया, और अशोक खरात के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया।
महत्व क्यों: इन घटनाओं से सत्तारूढ़ महायुति सरकार के भीतर नैतिक मानकों पर सवाल उठते हैं और इसकी स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
लोगों के लिए क्या बदलाव: सरकारी अधिकारियों में जनता का विश्वास कम हुआ है, और जवाबदेही और इस्तीफे की मांग की जा रही है।
कौन प्रभावित: महाराष्ट्र के नागरिक, मंत्री नरहरि झिरवाल, स्वयंभू बाबा अशोक खरात और महायुति सरकार।
विपक्ष ने मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की
महाराष्ट्र में विपक्ष दो महत्वपूर्ण विवादों के बाद महायुति सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है। इनमें मंत्री नरहरि झिरवाल से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो और स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ मिले अतिरिक्त सबूत शामिल हैं। विपक्ष मंत्री झिरवाल को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग कर रहा है।
अशोक खरात के खिलाफ नया मामला दर्ज
अशोक खरात के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है, जिससे उनके खिलाफ मामलों की कुल संख्या आठ हो गई है। उन पर धोखाधड़ी करने और मौत का भय पैदा करने का आरोप है। पुणे के एक व्यवसायी, राजेंद्र जासुद ने शिकायत दर्ज कराई है कि खरात ने उन्हें हेरफेर किया और उनसे जबरन वसूली की।
उनका दावा है कि खरात ने 2018 से 2025 तक सांप के काटने से होने वाली मौत को टालने और सफलता दिलाने का वादा करके उनसे पैसे और 21 देशों की विदेश यात्राएं करवाईं। पुलिस का कहना है कि पीड़ित ने सफलता मिलने की उम्मीद में यात्राओं के लिए धन दिया और वित्तीय लेनदेन किए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) सभी मामलों की जांच कर रहा है।
मंत्री झिरवाल से जुड़ा विवाद
राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवाल का एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में कथित तौर पर उन्हें उनके आधिकारिक आवास पर एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि वीडियो महाराष्ट्र की राजनीति में नैतिक पतन को उजागर करता है। उन्होंने झिरवाल के इस्तीफे की मांग की।
"आपत्तिजनक वीडियो सिर्फ एक अलग घटना नहीं है; यह महाराष्ट्र की राजनीति में नैतिक पतन को दर्शाता है," श्री सपकाल ने कहा।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने वीडियो को महायुति गठबंधन के भीतर आंतरिक संघर्ष का परिणाम बताया।
अशोक खरात का घोटाला और राजनीतिक प्रभाव
अशोक खरात के घोटाले के कारण पहले ही रूपाली चाकणकर को महाराष्ट्र महिला आयोग के प्रमुख के पद से इस्तीफा देना पड़ा है। उनका नाम खरात मामले के संबंध में सामने आया था। हर्षवर्धन सपकाल ने खरात के साथ मंत्रियों और अधिकारियों की संलिप्तता की आलोचना की। उन्होंने खरात को "ढोंगी बाबा" बताया और उन पर महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप लगाया।
"दर्जनों मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी ढोंगी बाबा मामले में शामिल हैं, लेकिन सबसे शर्मनाक बात यह है कि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष चाकणकर के ढोंगी बाबा के साथ संबंध थे, जो महिलाओं का यौन शोषण करते हैं," श्री सपकाल ने कहा।
18 मार्च को खरात को एक महिला द्वारा तीन साल से अधिक समय तक यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर जादू टोना और मानव बलि का भी आरोप लगाया गया है। आयकर विभाग खरात से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता और प्रतिक्रियाएं
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने सुझाव दिया कि मंत्री झिरवाल से जुड़ा वीडियो ब्लैकमेल करने का प्रयास प्रतीत होता है और इसकी जांच की जानी चाहिए। संभाजी ब्रिगेड ने मांग की है कि अशोक खरात को गोली मार दी जाए।
आगे क्या देखना है
अशोक खरात के मामलों की एसआईटी जांच जारी है, और आगे के विवरण सामने आने की उम्मीद है। महायुति सरकार को मंत्री झिरवाल के खिलाफ आरोपों का समाधान करने और उचित कार्रवाई करने के लिए बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ेगा, जिसमें उनके इस्तीफे या मंत्रिमंडल से हटाने की संभावना भी शामिल है।
