लोअर लेक के पास फुटपाथ फिर विवादों में: सर्दी बाज़ार से जाम और अराजकता, स्थानीयों ने उठाए सवाल
लोअर लेक से भोपाल रेलवे स्टेशन तक जाने वाला फुटपाथ हर साल सर्दियों के कपड़ों के अस्थायी बाज़ार के कारण फिर से चर्चा में है।...

लोअर लेक से भोपाल रेलवे स्टेशन तक जाने वाला फुटपाथ हर साल सर्दियों के कपड़ों के अस्थायी बाज़ार के कारण फिर से चर्चा में है। नगर निगम द्वारा लीज़ पर दिए गए इस क्षेत्र में अतिक्रमण बेकाबू होता जा रहा है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहनों दोनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
🚶♂️ फुटपाथ बना सर्दी बाज़ार, राहगीरों की मुश्किलें बढ़ीं
नीलम पार्क क्षेत्र से होकर गुजरने वाला फुटपाथ हर साल नगर निगम (BMC) द्वारा अस्थायी सर्दी बाज़ार के लिए किराये पर दिया जाता है। इस वर्ष भी फुटपाथ पर दुकानों की कतारें लग गई हैं, लेकिन अब यह बाजार अपने निर्धारित क्षेत्र से लगभग दोगुना फैल गया है।
स्थानीय निवासी सतीश ने बताया, “विक्रेता अपने निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़कर चौराहों तक पहुंच गए हैं। पैदल चलना तो मुश्किल हो ही गया है, कई बार वाहनों को भी रुकना पड़ता है।”
🚦 रेलवे स्टेशन जाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी
यह मार्ग भोपाल रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए मुख्य संपर्क सड़क है। अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। यात्रियों को भारी ट्रैफिक और भीड़ से गुजरना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि नगर निगम और पुलिस को बार-बार शिकायतें करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
🔥 2023 की आग के बाद भी नहीं सुधरे हालात
साल 2023 में इसी बाजार क्षेत्र में आग लगने की घटना के बाद कुछ समय तक सख्त निगरानी रखी गई थी। उस हादसे में बड़ा नुकसान टल गया था, लेकिन उसके बाद हालात फिर पुराने जैसे हो गए।
एक निवासी ने कहा, “उस घटना के बाद निगम ने कहा था कि नियमों का कड़ाई से पालन होगा, लेकिन अब वही भीड़, वही अव्यवस्था वापस आ गई है।”
🏛️ बीएमसी का रुख और जवाबदेही पर सवाल
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि “बीएमसी की एंटी-एन्क्रोचमेंट यूनिट तब ही कार्रवाई करती है जब कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होती है।”
हालांकि, शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की "प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई" से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। शहरी नियोजक अरुण जैन के अनुसार, “ऐसे अतिक्रमण न केवल यातायात बाधित करते हैं बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। आग या भगदड़ जैसी स्थिति में आपात निकासी लगभग असंभव हो सकती है।”
🚧 स्थानीयों की मांग: स्थायी समाधान और नियमित निगरानी
निवासी अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बीएमसी को लीज़ नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए और पुलिस व नगर निगम को संयुक्त निगरानी प्रणाली विकसित करनी चाहिए ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
