दिल्ली विधानसभा में बम की धमकी: बजट दिवस बाधित, पीएम मोदी का नाम
दिल्ली विधानसभा और स्पीकर को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली, जिससे बजट प्रस्तुति बाधित हुई और सुरक्षा चिंताएं बढ़ गईं।

मुख्य समाचार
क्या हुआ: दिल्ली विधानसभा और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली।
महत्व क्यों: इस धमकी से बजट प्रस्तुति बाधित हुई और सुरक्षा चिंताएं बढ़ गईं, जिसमें कई हाई-प्रोफाइल नेताओं के नाम शामिल हैं।
लोगों के लिए क्या बदलेगा: पूरे दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और बम निरोधक दस्ते तैनात किए गए हैं।
कौन प्रभावित: दिल्ली विधानसभा, पास का विधान सभा मेट्रो स्टेशन, पीएम मोदी, अमित शाह, एस जयशंकर, दिल्ली एलजी, दिल्ली सीएम और कैबिनेट।
दिल्ली बजट प्रस्तुति बम की धमकी से बाधित
दिल्ली विधानसभा और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली है। यह घटना उस दिन हुई जब दिल्ली बजट पेश किया जाना था, जिससे सुरक्षा चिंताएं बढ़ गईं। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा को सुबह लगभग 7:28 बजे धमकी भरा ईमेल मिला।
विशिष्ट धमकियां और लक्ष्य
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सुबह 7:49 बजे एक अलग ईमेल भेजा गया था। धमकी विधान सभा मेट्रो स्टेशन तक भी पहुंची, जिसका उल्लेख संभावित लक्ष्य के रूप में किया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार, ईमेल में कई हाई-प्रोफाइल नेताओं के नाम शामिल थे, जिनमें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू शामिल हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मंजीत सिंह सिरसा का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया था।
धमकी की भाषा और समूह का दावा
ईमेल में धमकी भरी और उत्तेजक भाषा थी, जिसमें नेताओं से "अपनी रक्षा करने" का आग्रह किया गया था। कथित खालिस्तान जनमत संग्रह का समर्थन करने के संदर्भ दिए गए थे।
"खालिस्तानी नेशनल आर्मी" के रूप में पहचाने जाने वाले एक समूह ने कथित तौर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री, वर्तमान कैबिनेट और उपराज्यपाल के खिलाफ धमकी जारी की है।
सुरक्षा उपाय और जांच
सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल की उत्पत्ति की जांच शुरू कर दी है। बम निरोधक दस्तों और पुलिस टीमों को विधानसभा परिसर के अंदर और आसपास तैनात किया गया है। पूरे दिल्ली में प्रमुख प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारी वर्तमान में खतरे की विश्वसनीयता का सत्यापन कर रहे हैं।
आगे क्या देखना है
धमकी भरे ईमेल के स्रोत की जांच विश्वसनीयता और संभावित प्रभाव का निर्धारण करने में महत्वपूर्ण होगी। स्थिति सामने आने पर आगे सुरक्षा अपडेट की उम्मीद है।
