सीबीएसई ने स्कूल काउंसलरों के लिए ऑनलाइन प्रोक्टर्ड परीक्षा शुरू की
सीबीएसई ने स्कूल काउंसलरों के लिए ऑनलाइन रिमोट इनविजिलेशन परीक्षा शुरू की है, जिसका उद्देश्य छात्र सहायता प्रणाली को मजबूत करना है।

मुख्य बातें
क्या हुआ: सीबीएसई (CBSE) स्कूल काउंसलरों के लिए एक ऑनलाइन रिमोट इनविजिलेशन परीक्षा (प्रोक्टर्ड असेसमेंट) लागू कर रहा है।
महत्व क्यों: इसका उद्देश्य छात्र सहायता प्रणालियों को मजबूत करना और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण परामर्श सेवाएं सुनिश्चित करना है।
क्या बदलाव: काउंसलरों का मूल्यांकन व्यावहारिक कौशल, नैतिक समझ और छात्रों की मानसिक भलाई का समर्थन करने की क्षमता पर किया जाएगा, जो पारंपरिक परीक्षाओं से परे है।
कौन प्रभावित: सीबीएसई स्कूलों में लगभग 10,000 परामर्श और कल्याण शिक्षक।
सीबीएसई ने ऑनलाइन काउंसलर मूल्यांकन शुरू किया
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूल काउंसलरों के लिए एक ऑनलाइन रिमोट इनविजिलेशन परीक्षा शुरू कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य छात्र सहायता प्रणालियों को मजबूत करना और उच्च गुणवत्ता वाली परामर्श सेवाएं सुनिश्चित करना है।
चरणबद्ध कार्यान्वयन
20 मार्च, 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, मूल्यांकन को चरणों में लागू किया जाएगा। इसका लक्ष्य सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में लगभग 10,000 परामर्श और कल्याण शिक्षकों (सामाजिक-भावनात्मक काउंसलर) का आकलन और प्रमाणित करना है। आकलन का पहला बैच फरवरी 2026 में शुरू हुआ।
पारंपरिक परीक्षाओं से परे
बोर्ड इस बात पर जोर देता है कि मूल्यांकन पारंपरिक परीक्षाओं से परे होगा। यह काउंसलरों के व्यावहारिक कौशल, नैतिक समझ और छात्रों की मानसिक भलाई का समर्थन करने की क्षमता का मूल्यांकन करेगा।
एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म
यह परीक्षा डिजी-एग्जाम (DIGI-EXAM) नामक एक एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म पर आयोजित की जाएगी।
"डिजी-एग्जाम एक सुरक्षित, पारदर्शी और मानकीकृत मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।"
आगे क्या देखना है
ऑनलाइन मूल्यांकन के भविष्य के चरणों की प्रभावशीलता और छात्र कल्याण पर प्रभाव के लिए बारीकी से निगरानी की जाएगी। सीबीएसई से आगामी मूल्यांकन बैचों के बारे में आगे की घोषणाएं अपेक्षित हैं।
