भोपाल में मतदाता सूची संशोधन की तैयारियों की समीक्षा को जल्द पहुंचेगी निर्वाचन आयोग की टीम, निगम आयुक्तों को अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी बनाने का प्रस्ताव
निर्वाचन आयोग की टीम का भोपाल दौरा जल्द भोपाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2025) की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग की एक...

निर्वाचन आयोग की टीम का भोपाल दौरा जल्द
भोपाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2025) की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग की एक उच्च स्तरीय टीम जल्द ही शहर का दौरा करने वाली है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, यह टीम राजधानी में संबंधित कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करेगी और एक समीक्षा बैठक भी आयोजित कर सकती है।
राज्य के CEO कार्यालय ने आयोग को प्रस्ताव भेजा है कि प्रदेश के 16 नगर निगम आयुक्तों को “अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी” (Additional District Election Officer) की जिम्मेदारी सौंपी जाए, जिससे मतदाता सत्यापन और पुनरीक्षण कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
पहली बार नगर निगम आयुक्तों की भूमिका बढ़ेगी
यदि आयोग इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो यह पहली बार होगा जब नगर निगम आयुक्तों को इस संवैधानिक जिम्मेदारी में शामिल किया जाएगा। ये अधिकारी बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs) द्वारा किए जा रहे घर-घर सर्वेक्षण की निगरानी करेंगे।
उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह प्रस्ताव आयोग को भेजा जा चुका है। “इस कदम का उद्देश्य नगर निगमों की प्रशासनिक क्षमता का उपयोग कर मतदाता सूची पुनरीक्षण को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है,” उन्होंने कहा।
मंगलवार से शुरू होगा घर-घर सर्वेक्षण
बूथ लेवल अधिकारियों का प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से चल रहा है और सोमवार को समाप्त होगा। इसके बाद 4 नवंबर से 3 दिसंबर तक घर-घर सत्यापन अभियान चलेगा। इस दौरान प्रत्येक BLO कम से कम तीन बार हर घर का दौरा करेगा ताकि मतदाता फॉर्म भरवाने और परिवार के सदस्यों के विवरण की पुष्टि की जा सके।
2003 के SIR सिस्टम के अनुसार, मतदाताओं के पहचान सत्यापन में परिजनों के वोटर नंबर की क्रॉस-चेकिंग की जाएगी।
नए मतदाताओं का नामांकन
इस अभियान के दौरान उन युवाओं को भी सूची में जोड़ा जाएगा जो जनवरी 2026 तक 18 वर्ष के हो जाएंगे। BLOs उनके आवेदन एकत्र करेंगे ताकि उन्हें पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
अधिकारियों का मानना है कि यह पहल युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के लिए प्रेरित करेगी और मतदाता आधार को सटीक बनाएगी।
पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का कहना है कि नगर निगम आयुक्तों को इस प्रक्रिया में शामिल करने से स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही बढ़ेगी और शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची की सटीकता में सुधार होगा।
भोपाल और अन्य नगरों में यह अभियान जनसहभागिता और तकनीकी पारदर्शिता दोनों के माध्यम से चुनावी तैयारी का एक नया मानक तय कर सकता है।
