शाहजहानाबाद में नगर निगम निरीक्षक पर हमला, सफाईकर्मियों ने थाने के बाहर किया विरोध प्रदर्शन
भोपाल के शाहजहानाबाद क्षेत्र के इदगाह हिल्स इलाके में शनिवार सुबह एक नगर निगम सफाई निरीक्षक पर दो स्थानीय युवकों ने हमला कर दिया। दोनों...

भोपाल के शाहजहानाबाद क्षेत्र के इदगाह हिल्स इलाके में शनिवार सुबह एक नगर निगम सफाई निरीक्षक पर दो स्थानीय युवकों ने हमला कर दिया। दोनों आरोपियों ने न केवल निरीक्षक के साथ मारपीट की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
साफ-सफाई को लेकर विवाद से शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता संजय टांक, वार्ड-10 इदगाह हिल्स के सफाई निरीक्षक (दारोगा), शनिवार सुबह क्षेत्र का नियमित निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान वे घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था की जांच कर रहे थे, तभी संतोष और उसके एक साथी ने आकर उनसे पूछा कि क्षेत्र का सफाई अधिकारी कौन है।
संजय ने जब अपनी पहचान बताई, तो दोनों ने उन पर क्षेत्र की सफाई में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने समझाने की कोशिश की कि नियमित रूप से सफाई कार्य चल रहा है, लेकिन आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए। विरोध करने पर दोनों ने उन पर हमला कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
चश्मदीदों ने रोका, फिर भी जारी रहा हमला
घटनास्थल पर मौजूद निगम कर्मचारी अनिल, विजय और आज़म खान ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी तब तक संजय को धक्का-मुक्की और घूंसे-लातों से मारते रहे। इस दौरान आसपास के लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
सीसीटीवी फुटेज में दो युवकों को—एक लाल टी-शर्ट और दूसरा पीले कपड़ों में—निरीक्षक को धक्का देते, गाली देते और मारपीट करते देखा जा सकता है।
पुलिस कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद नगर निगम कर्मचारियों ने शाहजहानाबाद थाने के बाहर एकजुट होकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
एसीपी अनिल बाजपेई ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। “आरोपियों पर एससी/एसटी एक्ट और सरकारी कार्य में बाधा डालने व हमला करने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है,” उन्होंने कहा।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
शहर में साफ-सफाई को लेकर निगम कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों के बीच विवाद की यह कोई पहली घटना नहीं है। लेकिन इस हमले ने नगरपालिका कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे कार्य बहिष्कार पर जा सकते हैं।
