भोपाल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अब भी ठप – प्रयास जारी, लेकिन एयरलाइंस ने दिखाई अनिच्छा
राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विदेशों के लिए नियमित उड़ानें शुरू करने का सपना अब तक अधूरा है। मध्य प्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी...
राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विदेशों के लिए नियमित उड़ानें शुरू करने का सपना अब तक अधूरा है। मध्य प्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के लगातार प्रयासों के बावजूद भोपाल से दुबई, सिंगापुर और बैंकॉक जैसे मार्गों पर उड़ानें शुरू नहीं हो सकीं। एयरलाइनों ने सीमित यात्री मांग, नज़दीकी हवाई अड्डों से प्रतिस्पर्धा और मार्ग की आर्थिक व्यवहार्यता को लेकर चिंता जताई है।
बार-बार बातचीत, फिर भी कोई ठोस नतीजा नहीं
पिछले कुछ वर्षों में राज्य विमानन विभाग और एएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई दौर की बातचीत एयरलाइंस कंपनियों के साथ की। उद्देश्य था – भोपाल को अंतरराष्ट्रीय मार्गों से जोड़ना। हालांकि, एयरलाइंस का कहना है कि प्रारंभिक चरण में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम होगी और इंदौर व नागपुर जैसे नजदीकी शहर पहले से ही प्रमुख अंतरराष्ट्रीय केंद्र हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘राजा भोज एयरपोर्ट’
राजा भोज के नाम पर बना यह हवाई अड्डा 1,106 एकड़ में फैला हुआ है और यहां उन्नत सुरक्षा प्रणाली, विस्तृत रनवे, और आधुनिक यात्री टर्मिनल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “हमारा हवाई अड्डा किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बराबर सुविधाएं देता है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी।”
चार्टर्ड फ्लाइट्स से झलकती संभावनाएं
हालांकि नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नहीं चल रहीं, लेकिन दुबई, सिंगापुर और कुआलालंपुर से गैर-नियत चार्टर्ड फ्लाइट्स समय-समय पर भोपाल आती रहती हैं। ये उड़ानें अक्सर व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, पर्यटक और प्रवासी भारतीयों को लेकर आती हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है और नियमित उड़ानें शुरू होने पर यात्री संख्या में स्थिर वृद्धि हो सकती है।
एयरलाइंस को लुभाने के लिए प्रोत्साहन योजना
एयरलाइंस को आकर्षित करने के लिए एएआई और राज्य सरकार ने एक विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसके तहत प्रत्येक उड़ान से प्राप्त यूज़र डेवलपमेंट फ़ी का 10% हिस्सा एयरलाइन को दिया जाता है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने वायबिलिटी गैप फंडिंग की भी घोषणा की है — जिसमें प्रति किलोमीटर प्रति राउंड ट्रिप ₹1,000 की दर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह सहायता घरेलू मार्गों के लिए अधिकतम ₹10 लाख और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ₹15 लाख प्रति माह तक सीमित है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से सुधार
हाल के वर्षों में हवाई अड्डे पर बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं — टर्मिनल विस्तार, नए टैक्सीवे, उन्नत फायर सर्विसेज, बेहतर यात्री सुविधाएं, कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर, और कार्गो हैंडलिंग एरिया का विकास शामिल है। इसके साथ ही, एक आधुनिक मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सुविधा और CAT-II इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम की स्थापना की योजना पर काम जारी है।
क्या जल्द खुलेगा अंतरराष्ट्रीय गेटवे?
राज्य सरकार और एएआई को उम्मीद है कि खाड़ी देशों की एयरलाइंस से साझेदारी कर भोपाल से पहली नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान जल्द शुरू की जा सकेगी। मध्य प्रदेश के हजारों प्रवासी खाड़ी देशों में कार्यरत हैं, जिससे यात्री आधार सुनिश्चित हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न केवल व्यापार और निवेश बढ़ाएगा, बल्कि भोपाल और मध्य भारत को वैश्विक मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाएगा।
