फारूक अब्दुल्ला पर शादी समारोह में हमला; जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग
जम्मू में एक शादी समारोह में फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाई गई, जिसमें वे बाल-बाल बच गए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने...
टॉप समरी
- क्या हुआ: जम्मू में एक शादी समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर एक बंदूकधारी ने गोलियां चलाईं, लेकिन वे सुरक्षित बच गए।
- महत्व क्यों: यह जम्मू और कश्मीर में चल रही सुरक्षा चिंताओं को उजागर करता है और उच्च-प्रोफाइल व्यक्तियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाता है।
- लोगों के लिए क्या बदलाव: इस घटना ने जम्मू और कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और सुरक्षा उपायों की जांच करने की मांगों को फिर से हवा दी है।
- कौन प्रभावित: फारूक अब्दुल्ला, उनका परिवार, सुरक्षाकर्मी, शादी में शामिल लोग और जम्मू और कश्मीर के निवासी।
जम्मू में शादी समारोह में हमला
जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला गुरुवार को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह में हत्या के प्रयास में बाल-बाल बच गए। 63 वर्षीय कमल सिंह जमवाल ने कथित तौर पर अब्दुल्ला पर दो गोलियां चलाईं।
अब्दुल्ला के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत संदिग्ध को काबू कर लिया, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। फारूक के बेटे उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर इसे "बहुत करीबी मामला" बताया।
अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया और मांगें
अब्दुल्ला ने घटना पर विचार करते हुए कहा, "भगवान ने मुझे बचाया।" उन्होंने आगे कहा, "मैं वेन्यू से बाहर जा रहा था तभी मुझे पटाखे की आवाज सुनाई दी। तुरंत, मुझे एक कार में ले जाया गया।"
अब्दुल्ला ने कार्यक्रम में कई वीआईपी की मौजूदगी के बावजूद पुलिस की मौजूदगी की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "इस शादी में कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं, लेकिन कोई पुलिस मौजूद नहीं थी। अल्लाह की रहमत से, मेरी सुरक्षा मेरे साथ थी, और मेरी जान बच गई।"
उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू और कश्मीर में बदले हुए सत्ता समीकरणों पर भी विचार किया। उन्होंने जम्मू और कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा, "एक निर्वाचित सरकार के पास शक्तियां नहीं हैं - यह इस तरह कैसे जारी रह सकता है? हमसे वादा किया गया था कि राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा..."
सुरक्षा चिंताएं और जांच
उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा में हुई चूक पर चिंता जताई, जिसके कारण बंदूकधारी उनके पिता के इतने करीब पहुंच गया, जिन्हें जेड+ एनएसजी सुरक्षा प्राप्त है। उन्होंने कहा, "अल्लाह दयालु है। मेरे पिता बाल-बाल बचे... यह केवल करीबी सुरक्षा दल था जिसने गोली को विक्षेपित किया और यह सुनिश्चित किया कि हत्या का प्रयास विफल हो जाए।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने अब्दुल्ला से उनकी कुशलता के बारे में जानकारी ली और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी। अब्दुल्ला ने कहा, "जांच होनी चाहिए।"
जम्मू और कश्मीर का भविष्य
अब्दुल्ला ने मतभेदों के बावजूद एकता और सहयोग की आवश्यकता को दोहराया। उन्होंने केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों से जम्मू और कश्मीर में स्थिति का आकलन करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारे विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हमें एक साथ काम करना होगा क्योंकि हम एक लोकतंत्र हैं और अपनी राय व्यक्त करते हैं..." उन्होंने आतंकवाद के लगातार खतरे को भी स्वीकार किया।
उन्होंने कहा, "आप कितनी भी सुरक्षा बढ़ा लें, हत्यारे को हमेशा फायदा होता है। समस्या यह है कि हम एक ऐसे युग में रहते हैं जहां आतंकवाद आसमान पर है, और हम इसे नियंत्रित नहीं कर सकते हैं।"
आगे क्या देखें
हत्या के प्रयास की जांच जारी है और निष्कर्षों से जम्मू और कश्मीर में उच्च-प्रोफाइल व्यक्तियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव हो सकते हैं। जम्मू और कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने पर बहस भी आने वाले हफ्तों में तेज होने की उम्मीद है।
