हमीदिया कॉलेज में जर्जर इमारत ढही, बाल-बाल बचे छात्र
सोमवार दोपहर शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में अफरा-तफरी मच गई जब कॉलेज भवन का एक हिस्सा ढह गया। यह वही हिस्सा था जिसे...

सोमवार दोपहर शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में अफरा-तफरी मच गई जब कॉलेज भवन का एक हिस्सा ढह गया। यह वही हिस्सा था जिसे भोपाल नगर निगम (BMC) ने पहले ही ‘असुरक्षित’ घोषित किया था। गनीमत रही कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने फिर एक बार छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, ढहा हुआ हिस्सा लंबे समय से असुरक्षित घोषित था, फिर भी उसका उपयोग जारी था। कॉलेज के प्राचार्य अनिल शिवानी, जो हादसे से कुछ ही मिनट पहले उसी कॉरिडोर से गुजरे थे, ने परिसर की जर्जर स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “हम कई बार मरम्मत के लिए अधिकारियों को लिख चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह घटना उस जोखिम को दर्शाती है जिसका हम रोजाना सामना करते हैं।”
हादसे के बाद कॉलेज प्रबंधन ने प्रभावित हिस्से में कक्षाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की। प्राचार्य शिवानी ने बताया कि इस ब्लॉक में कर्मचारियों और छात्रों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। “पढ़ाई अब वैकल्पिक स्थानों पर कराई जाएगी ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़े,” उन्होंने स्पष्ट किया।
करीब 150 साल पुराने हमीदिया कॉलेज की कई इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। दीवारों में दरारें, लोहे की सिल्लियों का बाहर आना और पानी की लगातार सीपेज ने ढांचे को बेहद कमजोर कर दिया है। विशेषज्ञ चेतावनी दे चुके हैं कि यदि तत्काल संरचनात्मक मरम्मत नहीं की गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। वर्ष 2018 में भी सी ब्लॉक का एक हिस्सा तालाब में धंस गया था। उस समय नया भवन बनाने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ।
वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने हमीदिया कॉलेज को "प्रधानमंत्री उत्कृष्टता महाविद्यालय" घोषित करते हुए आधुनिक भवन के निर्माण की घोषणा की थी। मगर निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है और यह देरी हज़ारों विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
सोमवार के हादसे के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। विभाग का कहना है कि कॉलेज के सभी ब्लॉकों की व्यापक सुरक्षा जांच की जाएगी और उसके बाद ही कक्षाएं पुनः शुरू होंगी। फिलहाल, चिंतित अभिभावक और शिक्षक त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि छात्रों-शिक्षकों की सुरक्षा किसी भी प्रशासनिक देरी से ऊपर रखी जाए।
