शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च की नई वेबसाइट — बोले, “अब ‘मामा का घर’ ऑनलाइन भी, हर नागरिक मुझसे सीधे जुड़ सकेगा”
जनता से जुड़ने की डिजिटल पहल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की, जिसके माध्यम से देशभर के...

जनता से जुड़ने की डिजिटल पहल
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की, जिसके माध्यम से देशभर के नागरिक उनसे सीधे शिकायतें, सुझाव और प्रतिक्रियाएं साझा कर सकेंगे। यह पहल चौहान के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके जरिए वे जनता से सीधा संवाद बनाए रखना चाहते हैं, खासकर मध्य प्रदेश के लोगों से।
लॉन्च के अवसर पर चौहान ने कहा,
“यह वेबसाइट ‘मामा का घर’ जैसी ही होगी — सबके लिए खुली, स्नेह और अपनापन से भरी जगह। अब संवाद और आसान हो जाएगा। देशभर के लोग मुझसे एक क्लिक में जुड़ सकेंगे।”
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद दूसरी बड़ी पहल
दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद यह चौहान की दूसरी बड़ी जन-संपर्क पहल है। इससे पहले उन्होंने भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास को ‘मामा का घर’ नाम दिया था, ताकि लोगों से भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखा जा सके।
नई वेबसाइट इसी विचार को डिजिटल रूप में आगे बढ़ाती है — एक ऐसा मंच जहां नागरिक अपनी बात बिना किसी मध्यस्थ के सीधे मंत्री तक पहुँचा सकें।
वेबसाइट पर क्या मिलेगा?
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वेबसाइट पर नागरिकों को उनकी राजनीतिक यात्रा, व्यक्तिगत जीवन, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की तस्वीरें, और कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं से संबंधित सभी प्रमुख जानकारियाँ मिलेंगी।
इसके अलावा वेबसाइट पर एक विशेष सेक्शन होगा, जहाँ लोग
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अपने सुझाव या शिकायतें दर्ज कर सकते हैं,
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वृक्षारोपण अभियानों में जुड़ सकते हैं,
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और मंत्री के संदेश, वीडियो व लेख देख सकेंगे।
“मध्य प्रदेश के ‘बीमारू राज्य’ से ‘विकसित राज्य’ बनने की कहानी भी इस मंच पर विस्तार से उपलब्ध होगी,” चौहान ने कहा।
डिजिटल संवाद की नई दिशा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवराज सिंह चौहान का यह कदम भारतीय राजनीति में डिजिटल कनेक्टिविटी और जन-संपर्क के नए स्वरूप को रेखांकित करता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नेता और जनता के बीच संवाद न केवल त्वरित बल्कि पारदर्शी भी हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की पहलें “जनप्रतिनिधि से जनसंवाद” की परंपरा को आधुनिक रूप में आगे बढ़ाती हैं — खासकर ऐसे समय में जब डिजिटल सहभागिता राजनीति और शासन, दोनों का महत्वपूर्ण अंग बन चुकी है।
