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दीपावली से पहले कांग्रेस का सरकार पर वार — "जब किसान परेशान, युवा बेरोज़गार और सड़कें गड्ढों में तब कौन-सी रोशनी?" : जीतेन्द्र पटवारी

दीपावली से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतेन्द्र पटवारी ने शनिवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के किसान आभार...

Oct 19
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दीपावली से पहले कांग्रेस का सरकार पर वार — "जब किसान परेशान, युवा बेरोज़गार और सड़कें गड्ढों में तब कौन-सी रोशनी?" : जीतेन्द्र पटवारी

दीपावली से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतेन्द्र पटवारी ने शनिवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के किसान आभार सम्मेलन के समानांतर एक “श्वेतपत्र” (White Paper) जारी कर सरकार की छह बड़ी विफलताओं को उजागर किया — रोजगार, किसान कल्याण, महिला सुरक्षा, सड़कों की स्थिति, महंगाई और बाल मृत्यु दर।


कांग्रेस का सवाल — "कैसे मनाएं खुशियों की दिवाली?"

पटवारी ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर तंज कसते हुए कहा,

“जब किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लिए तरस रहे हैं, युवा बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं, महिलाएं असुरक्षित हैं, सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं और लोग महंगाई के कारण भोजन तक जुटाने में असमर्थ हैं — तो कौन-सी दिवाली खुशियों की होगी?”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों को भावांतर भुगतान (Bhavantar) देने की घोषणा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राज्य के किसान फसल का वाजिब दाम न मिलने के कारण उपज सड़कों पर फेंकने को मजबूर हैं।


श्वेतपत्र में उजागर हुई छह “विफलताएं”

कांग्रेस के इस श्वेतपत्र में भाजपा सरकार पर छह बिंदुओं पर सीधा हमला किया गया है —

  1. बेरोज़गारी:
    रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के रोजगार कार्यालयों में 25 लाख से अधिक युवा नौकरी की तलाश में पंजीकृत हैं, जिनमें 9 लाख उच्च शिक्षित और 10 लाख से अधिक ओबीसी वर्ग से हैं।
    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार Periodic Labour Force Survey (PLFS 2023-24) का हवाला देकर 0.9% बेरोज़गारी दर का झूठा दावा कर रही है। पटवारी ने कहा, “सरकार कहती है कि उसने 4 लाख युवाओं को रोजगार दिया, लेकिन यह संख्या 25 लाख बेरोज़गारों की तुलना में नगण्य है।”

  2. किसानों की बदहाली:
    पटवारी ने कहा, “सरकार खेती को लाभ का धंधा बताती है, पर किसान सड़क पर उपज फेंक रहे हैं। गेहूं के लिए ₹2,700, धान के लिए ₹3,100 और सोयाबीन के लिए ₹6,000 प्रति क्विंटल एमएसपी का वादा अब भी अधूरा है।”

  3. सड़कें और भ्रष्टाचार:
    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य की सड़कें “गड्ढों का पर्याय” बन चुकी हैं।
    श्वेतपत्र में कहा गया कि भोपाल-देवास मार्ग को बनाने में ₹1,360 करोड़ खर्च हुए, लेकिन अब तक ₹6,522 करोड़ से अधिक टोल वसूला जा चुका है — यानी लागत का पाँच गुना। बावजूद इसके, सड़कें खस्ताहाल हैं और भोपाल-इंदौर मार्ग पर पुल टूटने से हाल ही में 100 मीटर सड़क बह गई।

  4. महिलाओं की सुरक्षा:
    पटवारी ने कहा कि शाहडोल में दो बहनों के लापता होने के बाद भी पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी। “राज्य में महिलाओं और बच्चियों के लापता होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो मानव तस्करी और संगठित अपराध की ओर इशारा करती हैं,” उन्होंने कहा।

  5. स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति:
    श्वेतपत्र में आरोप लगाया गया कि मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। राज्य में 0–4 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की मृत्यु दर देश में दूसरे स्थान पर है। cough syrup कांड के बाद ही सरकार ने 24 जिलों में गुणवत्ता सलाहकार नियुक्त किए, जिससे उसकी “प्रतिक्रियात्मक नीति” झलकती है।

  6. महंगाई और जनजीवन:
    पटवारी ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। “जब घरों में रोज़मर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, तब सरकार खुशहाली के नारे लगा रही है,” उन्होंने कहा।


मुख्यमंत्री का जवाब

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उसी दिन किसान सम्मेलन में कहा कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और भावांतर भुगतान इसका प्रमाण है।
हालांकि, कांग्रेस ने इसे “घोषणाओं की राजनीति” बताया और कहा कि “किसान को भावांतर नहीं, भरोसे की जरूरत है।”


राजनीतिक अर्थ और प्रभाव

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दीपावली से ठीक पहले कांग्रेस का यह हमला चुनावी माहौल में विपक्ष की रणनीति को धार देने वाला कदम है। इस रिपोर्ट के ज़रिए कांग्रेस सरकार की नीतिगत नाकामियों को केंद्र में लाना चाहती है, जबकि भाजपा इसे “झूठ का पुलिंदा” कहकर खारिज करने की तैयारी में है।