दीपावली से पहले खजूरी सड़क पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बिना लाइसेंस पटाखा गोदाम सील — लाखों के विस्फोटक जब्त
दीपावली से ठीक पहले खजूरी सड़क पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त अभियान में एक अवैध पटाखा गोदाम का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस...

दीपावली से ठीक पहले खजूरी सड़क पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त अभियान में एक अवैध पटाखा गोदाम का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लाखों रुपये मूल्य के विस्फोटक सामग्री से भरा ट्रक जब्त करते हुए गोदाम को सील कर दिया। यह कदम त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सतर्कता को दर्शाता है।
कैसे हुई कार्रवाई
शनिवार को नियमित गश्त के दौरान खजूरी सड़क थाना क्षेत्र के जमुनिया चीड़ गांव के पास पुलिस को एक लोडिंग वाहन में भारी मात्रा में पटाखे ले जाते हुए देखा गया। जांच में सामने आया कि यह माल पास के एक गोदाम से लोड किया जा रहा था।
थाना प्रभारी ने बताया कि तुरंत टीम को गोदाम स्थल पर भेजा गया, जहां विस्फोटक सामग्री का बड़ा भंडार मिला।
गोदाम मालिक से मांगे गए दस्तावेज
मौके पर मौजूद गोदाम संचालक मोहन मनवानी (60) से जब लाइसेंस और अनुमति पत्र मांगा गया, तो वह कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया और राजस्व विभाग को मौके पर बुलाया।
संयुक्त टीम ने स्थिति की पुष्टि के बाद गोदाम को तत्काल सील कर दिया और ट्रक सहित सभी पटाखों को जब्त कर लिया।
सुरक्षा और कानून का उल्लंघन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए पटाखों की अनुमानित कीमत लाखों रुपये में है। अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का भंडारण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह आस-पास के इलाकों में गंभीर दुर्घटना का कारण भी बन सकता था।
पुलिस ने Explosives Act (विस्फोटक अधिनियम) के तहत मोहन मनवानी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
खजूरी सड़क थाना क्षेत्र में इस कार्रवाई को दीपावली से पहले की एहतियाती तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में ऐसे अवैध गोदामों पर निगरानी तेज कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “बिना अनुमति के विस्फोटक पदार्थों का भंडारण बेहद खतरनाक है। आने वाले दिनों में ऐसी जगहों पर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।”
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है। कई लोगों का कहना है कि ऐसे अवैध गोदामों से गांवों और रिहायशी इलाकों में हादसे का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन नियमित रूप से निरीक्षण करे ताकि ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
