ड्रोन घुसपैठ और सुरक्षा चिंताओं के बाद जम्मू-कश्मीर में स्कूल बंद
नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी ड्रोन घुसपैठ के प्रयासों के बाद जम्मू और कश्मीर में स्कूल 2 और 3 मार्च, 2026 को बंद रहेंगे।
मुख्य बातें
क्या हुआ: जम्मू और कश्मीर में स्कूल 2 और 3 मार्च, 2026 को बंद रहेंगे।
महत्व क्यों: नियंत्रण रेखा (LoC) पर कई पाकिस्तानी ड्रोन घुसपैठ के प्रयासों और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण यह बंदी की गई है।
लोगों के लिए क्या बदलाव: बंदी के दौरान छात्र स्कूल नहीं जाएंगे। कक्षा 8 तक के स्कूलों को शीतकालीन अवकाश के बाद फिर से खोलने की योजना को फ़िलहाल रोक दिया गया है।
कौन प्रभावित: कश्मीर डिवीजन के सभी सरकारी और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र, शिक्षक और कर्मचारी प्रभावित हैं।
स्कूल बंद करने की घोषणा
स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर ने 2 और 3 मार्च, 2026 के लिए कश्मीर डिवीजन के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। यह निर्णय सरकारी और निजी मान्यता प्राप्त दोनों शैक्षणिक संस्थानों को प्रभावित करता है। आदेश में छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिक चिंता बताया गया है।
ड्रोन गतिविधि और सुरक्षा चिंताएँ
स्कूलों को बंद करने का निर्णय पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के प्रयासों के बाद लिया गया है। ये घुसपैठ पूंछ क्षेत्र में नियंत्रण रेखा (LoC) पर हुई। भारतीय सेना ने ड्रोन घुसपैठ के प्रयासों को विफल कर दिया। ये घटनाएं रविवार को सुबह 5:45 बजे से 6 बजे के बीच हुईं।
आधिकारिक बयान
स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर ने कहा: “प्रशासन और छात्रों की सुरक्षा के हित में, एतद्द्वारा आदेश दिया जाता है कि कश्मीर डिवीजन के सभी सरकारी और निजी मान्यता प्राप्त स्कूल 2 और 3 मार्च, 2026 को बंद रहेंगे।”
सेना की प्रतिक्रिया
सेना के जवानों ने तुरंत ड्रोन-रोधी कार्रवाई की। अधिकारियों ने पुष्टि की कि क्वाडकॉप्टर को वापस मुड़ने के लिए मजबूर किया गया। हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के प्रयास में दो से तीन छोटे क्वाडकॉप्टर शामिल थे।
पुन: खुलने में देरी
शीतकालीन अवकाश के बाद कक्षा 8 तक के स्कूलों को फिर से खोलने की निर्धारित योजना को फ़िलहाल रोक दिया गया है। यह निर्णय स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर द्वारा लिया गया था। हाल की घटनाओं को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण भी इसे स्थगित कर दिया गया है।
आगे क्या देखना है
अधिकारी नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति की निगरानी करना जारी रखेंगे। स्कूलों को फिर से खोलने के संबंध में भविष्य के निर्णय संभावित खतरों और छात्रों की सुरक्षा के आकलन पर निर्भर करेंगे।
