अमेरिका और इज़राइल का ईरान पर हमला: तेहरान में धमाके, परमाणु समझौता खतरे में
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर समन्वित मिसाइल हमला किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और परमाणु समझौते पर खतरा मंडरा रहा...

मुख्य बातें
- क्या हुआ: अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर 'ऑपरेशन लायन की दहाड़' नाम से मिसाइल हमला किया, जिसमें तेहरान सहित कई सरकारी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
- महत्व क्यों: इस हमले से तनाव तेजी से बढ़ेगा, जिससे मध्य पूर्व में एक बड़े संघर्ष की आशंका है और परमाणु समझौते की बातचीत खतरे में पड़ सकती है।
- लोगों के लिए क्या बदलेगा: मोबाइल फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं, हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है, और इज़राइल में आपातकाल की घोषणा की गई है, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कतर और बहरीन में अमेरिकी नागरिकों को आश्रय लेने के आदेश दिए गए हैं।
- कौन प्रभावित: ईरान और इज़राइल की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित है, साथ ही मध्य पूर्व में अमेरिकी कर्मी भी। वैश्विक बाजार और अंतर्राष्ट्रीय संबंध भी प्रभावित हैं।
ऑपरेशन लायन की दहाड़: अमेरिका और इज़राइल का ईरान पर हमला
तनाव में भारी वृद्धि करते हुए, संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने शनिवार को ईरान पर समन्वित मिसाइल हमला किया। 'ऑपरेशन लायन की दहाड़' नामक इस हमले में पूरे देश में प्रमुख सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। तेहरान और कई अन्य शहरों में भारी विस्फोटों की सूचना मिली है।
इज़राइली अधिकारियों के अनुसार, हमलों के तुरंत बाद ईरान की ओर से जवाबी मिसाइलें दागी गईं। इज़राइल की वायु रक्षा प्रणालियाँ सक्रिय रूप से आने वाले खतरों को रोकने में लगी हैं। शुरुआती हमलों के बाद सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को कथित तौर पर एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
तेहरान और उसके बाहर के लक्ष्य
प्रमुख लक्ष्यों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और ईरानी राष्ट्रपति का कार्यालय शामिल था। मध्य और पूर्वी तेहरान में अन्य लक्ष्यों में शामिल हैं:
- खुफिया मंत्रालय
- रक्षा मंत्रालय
- ईरानी परमाणु ऊर्जा एजेंसी
- पारचिन सैन्य परिसर
इस्फ़हान स्थल, जहाँ ईरान का परमाणु प्रौद्योगिकी और अनुसंधान केंद्र है, को भी निशाना बनाया गया। अन्य स्थानों पर तबरीज़, बुशहर, क़ोम, कराज और केरमानशाह शामिल हैं। इन स्थलों से धुएं के गुबार उठते देखे गए। पूर्वी और पश्चिमी तेहरान में मोबाइल फोन सेवाएं काट दी गई हैं।
अमेरिका का औचित्य और ईरानी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमलों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ईरान "कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता।"
"हमारा उद्देश्य ईरानी शासन से आसन्न खतरों को खत्म करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है।"
राष्ट्रपति ट्रम्प ने आरोप लगाया कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से बनाने की कोशिश की। उन्होंने ईरान की मिसाइलों को नष्ट करने, उसके मिसाइल उद्योग को खत्म करने और उसकी नौसैनिक क्षमताओं को समाप्त करने की कसम खाई। तेहरान के अधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इज़राइल और अमेरिका के लिए उनकी "प्रतिक्रिया कुचलने वाली होगी।"
इज़राइल ने आपातकाल की घोषणा की
इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने कहा कि ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान से उत्पन्न खतरों को बेअसर करना है। उन्होंने कहा, "इज़राइल राज्य ने इज़राइल राज्य के लिए खतरों को दूर करने के लिए ईरान के खिलाफ एक पूर्व-खाली हमला शुरू किया।" यह ऑपरेशन अमेरिका के साथ समन्वयित था। प्रत्याशित जवाबी कार्रवाई में, इज़राइल ने आपातकाल की घोषणा की। पूरे देश में हवाई हमले के सायरन बज उठे। "शैक्षिक गतिविधियों, सभाओं और कार्यस्थलों पर निषेध" की घोषणा की गई। कई अस्पतालों ने आपातकालीन प्रोटोकॉल सक्रिय किए, मरीजों और सर्जरी को भूमिगत स्थानों पर स्थानांतरित किया।
अमेरिकी सैन्य निर्माण और क्षेत्रीय प्रभाव
कतर और बहरीन में अमेरिकी दूतावास ने सभी कर्मियों के लिए आश्रय-इन-प्लेस लागू किया। उन्होंने अपने सभी नागरिकों को भी ऐसा करने की सलाह दी। अमेरिका ने मध्य पूर्व में बड़ी मात्रा में सैन्य कर्मियों और गोला-बारूद जमा किया है। इस तैनाती में कई उन्नत फ्रिगेट और लड़ाकू विमान शामिल हैं। विश्लेषकों का सुझाव है कि यह निर्माण हफ्तों तक चलने वाले पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभियान की तैयारी का संकेत दे सकता है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि ईरान तुरंत जवाबी हमला करेगा या नहीं। ईरान ने चेतावनी दी थी कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कर्मी और ठिकाने किसी भी जवाबी कार्रवाई के लिए लक्ष्य होंगे।
पृष्ठभूमि और भविष्य के निहितार्थ
यह हमला जून में इज़राइल और ईरान के बीच 12 दिनों के हवाई संघर्ष के बाद हुआ है। यह विरोधियों के बीच सबसे सीधे टकरावों में से एक था। यह वृद्धि अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के बारे में बार-बार दी गई चेतावनियों के बाद हुई है। वाशिंगटन और तेहरान ने राजनयिक रूप से विवाद को सुलझाने के लिए फरवरी में बातचीत फिर से शुरू की थी। इज़राइल ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से खत्म करने पर जोर देता है। ईरान प्रतिबंधों से राहत के लिए अपनी परमाणु गतिविधियों पर सीमाओं पर चर्चा करने को तैयार है, लेकिन अपने मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत को खारिज करता है। ईरान ने अमेरिकी सेना की मेजबानी करने वाले पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी ठिकानों का इस्तेमाल हमले शुरू करने के लिए किया जाता है तो वे लक्ष्य बन सकते हैं।
आगे क्या देखना है
तत्काल ध्यान ईरान की प्रतिक्रिया के पैमाने और प्रकृति पर होगा। स्थिति को शांत करने और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति तेज होने की संभावना है। जवाबी हमलों और राजनयिक पहलों पर अपडेट के लिए आने वाले घंटों में समाचार रिपोर्टों पर नज़र रखें।
